Shekhpura News: धनकौल गांव में कब्रिस्तान से हटाया गया अतिक्रमण, ग्रामीणों ने घेराबंदी की मांग उठाई

जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण
शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के धनकौल गांव में कब्रिस्तान की जमीन से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. सीओ अंकु गुप्ता के नेतृत्व में जेसीबी से मिट्टी, नाद और मिट्टी का घर हटाया गया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया है और स्थायी घेराबंदी की मांग की.
Shekhpura News: (प्रदीप कुमार की रिपोर्ट) शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के एफनी पंचायत अंतर्गत धनकौल गांव स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर हुए अतिक्रमण को लेकर चल रहा विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है. प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया.
सीओ अंकु गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम धनकौल गांव पहुंची, जहां जेसीबी मशीन की सहायता से कब्रिस्तान की जमीन पर रखी मिट्टी, नाद तथा मिट्टी से बने घर को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. अरियरी थाना अध्यक्ष अखलेश कुमार सिंह भी मौके पर मौजूद रहे. प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है.
कुछ लोगों ने प्रशासन पर लगाया आरोप
हालांकि, गांव के नियाज खान उर्फ गोल्डन, नियाज अहमद, मोहम्मद मोबीन खान सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि कब्रिस्तान को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया और प्रशासन ने केवल औपचारिकता निभाई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कब्रिस्तान की स्थायी घेराबंदी कराई जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न न हो.
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लेखक के बारे में
By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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