शेखपुरा में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारियों का आक्रोश मार्च, डीएम को सौंपा ज्ञापन
पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकालते सरकारी कर्मचारी | Prabhat Khabar Network
शेखपुरा में सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला. 2005 में लागू हुई नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हुए कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
Sheikhpura Old Pension Scheme : पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने को लेकर यहां सरकारी कर्मचारियों ने आक्रोश मार्च आयोजित किया. बताया गया कि आज ही के दिन बिहार सरकार द्वारा 2005 में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू कर दी गई थी.
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यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2004 के प्रभाव से केंद्रीय कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त करने पर किया गया था. पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के लिए केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि वह उनके बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और भविष्य की आर्थिक स्थिरता की गारंटी थी.
इसके समाप्त होने से लाखों कर्मचारी एवं शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुनिश्चित मासिक सामाजिक सुरक्षा से वंचित हो गए.
काला दिवस मनाते हुए निकाला गया आक्रोश मार्च
इस पीड़ादायक एवं ऐतिहासिक रूप से काला दिवस के रूप में मनाते हुए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला गया.
इसमें संघ के जिला मंत्री अनिल कुमार, जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, सर्वेश्वर कुमार, राजीव कुमार, गायत्री कुमारी, चंचला सिंह, संजय कुमार, दानवीर कुमार, संजू चंद्रा, पिंकी कुमारी, अरविंद कुमार सहित सैकड़ों सरकारी कर्मियों ने भाग लिया. कर्मचारी संघ भवन से निकाली गई आक्रोश मार्च में सभी सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर लगातार नारा लगाते रहे.
बाजार आधारित नई पेंशन व्यवस्था का विरोध
नई पेंशन व्यवस्था मूलतः एक अंशदायी और बाजार आधारित उठा-पटक वाली व्यवस्था है. इसमें कर्मचारियों के वेतन से 10% तथा सरकार द्वारा 14% अंशदान पेंशन फंड में जमा किया जाता है.
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वर्षों से कर्मचारियों के अंशदान के रूप में हजारों करोड़ रुपये पेंशन फंड में जमा हो चुके हैं, लेकिन भविष्य की सामाजिक सुरक्षा के लिए कर्मचारियों का इस पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है. वर्तमान व्यवस्था में पेंशन की निश्चितता समाप्त हो गई है और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान पेंशन व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन समय की मांग है.
अंशदान वापस लेने और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग
कर्मचारियों ने अपने वेतन के 10% अंशदान और सरकार के 14% अंशदान को वापस बिहार सरकार के खाते में जमा करने, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन अधिकार की रक्षा के लिए केंद्र द्वारा लागू कानून को वापस लेने तथा नई राष्ट्रीय पेंशन योजना को तत्काल समाप्त करने संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.
जिलाधिकारी शेखर आनंद को सौंपा ज्ञापन
कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी शेखर आनंद को ज्ञापन समर्पित किया.
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