बरबीघा के चर्चित हथौड़ा कांड में शनिवार को नहीं आया फैसला, 21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

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सांकेतिक तस्वीर.

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बरबीघा के चर्चित हथौड़ा कांड में फैसला टल गया है. आरोपी आयुष कुमार पर अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाएंगी, जिसकी अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी. इस अहम फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

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Barbigha Hathoda Kand: वर्ष 2021 के चर्चित बरबीघा हथौड़ा कांड में शनिवार को निर्धारित फैसला टल गया. अभियोजन की ओर से मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ने के लिए शेखपुरा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी के न्यायालय में आवेदन दिया गया था. न्यायालय ने अभियोजन के आवेदन को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए सोमवार, 21 सितंबर की तिथि निर्धारित की है.

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यह मामला बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के मिशन थाना क्षेत्र स्थित न्यू एरिया मोहल्ले का है. 19 जुलाई 2021 की मध्य रात्रि बदमाशों ने शिक्षिका राधिका देवी के घर डकैती के दौरान उनके पुत्र हर्ष राज पर हथौड़े से हमला किया था. घटना में हर्ष राज की मौत हो गयी थी.

आयुष के खिलाफ जोड़ी जायेंगी अतिरिक्त धाराएं

लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि मामले में पहले भारतीय दंड विधान की धारा 396, 149, 307, 412 और 120बी के तहत आरोप गठित किया गया था. इसी आधार पर न्यायिक विचारण के बाद पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी जा चुकी है.

अभियोजन के अनुसार, मामले के सूचक, जख्मी व्यक्ति और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेजों के अवलोकन के बाद नामजद अभियुक्त आयुष कुमार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 454, 456, 459, 460, 149 और 302 जोड़ने की आवश्यकता महसूस हुई. इस संबंध में अभियोजन ने न्यायालय में आवेदन दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया.

अब सोमवार को अतिरिक्त धाराओं में आरोप गठन की प्रक्रिया के लिए सुनवाई होगी. इसके कारण शनिवार को आयुष कुमार के मामले में निर्धारित निर्णय नहीं सुनाया जा सका.

पूर्णिया में छिपकर रह रहा था आयुष

अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद मुख्य नामजद अभियुक्त आयुष कुमार फरार हो गया था. वह पहचान छिपाकर पूर्णिया में रह रहा था. उसके पूर्णिया में छिपे होने की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों को मिलने के बाद शेखपुरा पुलिस ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष पेश किया.

मामले में पांच अभियुक्तों को सजा सुनाये जाने के बाद आयुष कुमार को भगोड़ा घोषित किया गया था. अब उसके खिलाफ अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की कार्रवाई के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

2022 में पांच अभियुक्तों को हुई थी उम्रकैद

लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने 7 जुलाई 2022 को पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया था. इसके बाद 14 जुलाई 2022 को नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव निवासी विक्रम कुमार और गौतम कुमार, सुभानपुर गांव निवासी अमन कुमार, नतीनपुर गांव निवासी तिजेंद्र कुमार तथा कृष्णपुरी निवासी रोहित कुमार बिल्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी.

अब इस चर्चित मामले में सोमवार को होने वाली न्यायालय की कार्रवाई पर लोगों की नजर टिकी है.

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