शेखपुरा: 2017 के शराब बरामदगी मामले में तीन पुलिस-उत्पाद कर्मियों के खिलाफ वारंट, गवाही के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे तत्कालीन थानाध्यक्ष

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2017 के एक पुराने शराब बरामदगी मामले में गवाही के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित न होने पर उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश ने तीन पुलिस और उत्पाद कर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. सभी को गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया गया है.

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शेखपुरा. उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार झा ने गवाही के लिए लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं होने वाले बरबीघा के तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार सहित तीन पुलिस और उत्पाद कर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. सभी को गवाही के लिए गिरफ्तार कर न्यायालय में उपस्थित कराने का आदेश दिया गया है.

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2017 के शराब बरामदगी मामले में जारी हुआ वारंट

उत्पाद मामलों के विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने बताया कि 3 जनवरी 2017 को जिले के बरबीघा बस स्टैंड के उत्तर निर्मित मार्केट के बेसमेंट से सुनीता देवी के कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गयी थी. इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए अनुसंधान कार्य प्रारंभ करवाया था.

लेकिन न्यायालय और अभियोजन की ओर से बार-बार बुलाये जाने के बावजूद वे गवाही के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे. इसी को देखते हुए न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.

तीन पुलिस व उत्पाद कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई

विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार के साथ उत्पाद विभाग के यशवंत कुमार और नालंदा जिले के सरमेरा थाना अंतर्गत इसुआ गांव निवासी श्रवण कुमार के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.

सभी को गवाही के लिए गिरफ्तार कर न्यायालय में उपस्थित कराने का आदेश दिया गया है.

पुराने मामलों के त्वरित निष्पादन का है निर्देश

विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय द्वारा पुराने मामलों के त्वरित निष्पादन का आदेश प्राप्त है. इसके आधार पर पुराने आपराधिक मामलों की सुनवाई प्रतिदिन निर्धारित की गयी है.

उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा आमतौर पर प्राथमिकी दर्ज कर लेने को ही अंतिम आपराधिक कार्रवाई का निर्णय मान लिया जाता है. बहुत कम संख्या में पुलिसकर्मी दर्ज प्राथमिकी और गिरफ्तारी को अंजाम तक पहुंचाने के लिए न्यायालय की कार्यवाही में शामिल होते और गवाही आदि देते नजर आते हैं.

अभियोजन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाया सवाल

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, पुलिस पदाधिकारियों के इस रवैये के कारण अपराधियों को लाभ प्राप्त हो जाता है. पुराने मामलों में गवाहों के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने से सुनवाई प्रभावित होती है. इसी को देखते हुए न्यायालय ने गवाही के लिए लंबे समय से अनुपस्थित पुलिस और उत्पाद कर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.

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