शिवहर नगर परिषद की राजनीति गरमाई, पूर्व सभापति ने विकास कार्यों में अनियमितता का लगाया आरोप
प्रेस वार्ता करते शिवहर नगर परिषद के पूर्व सभापति अंशुमान नन्दन सिंह | Prabhat Khabar Network
शिवहर नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर पूर्व और वर्तमान सभापति के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है. पूर्व सभापति अंशुमान नंदन सिंह ने 26 वार्डों में गुणवत्तापूर्ण विकास नहीं होने का आरोप लगाते हुए कई योजनाओं पर सवाल खड़े किए.
शिवहर नगर परिषद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. पूर्व सभापति अंशुमान नंदन सिंह ने नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को लेकर वर्तमान सभापति राजन नंदन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान सभापति के तीन साल दो महीने के कार्यकाल में नगर परिषद के 26 वार्डों में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य नहीं हुआ है. उन्होंने नाला निर्माण, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, आवास और टैक्स व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाए हैं.
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पूर्व सभापति ने आरोप लगाया कि नगर परिषद का संचालन सही नीति और योजना के तहत नहीं हो रहा है और जनता को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. हालांकि, वर्तमान सभापति की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.
जगदीश नंदन सिंह पथ के निर्माण पर उठाया सवाल
अंशुमान नंदन सिंह ने कहा कि चुनाव से पहले वर्तमान सभापति ने जर्जर जगदीश नंदन सिंह पथ के निर्माण को लेकर बड़ा वादा किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि कार्यकाल के तीन साल से अधिक समय बीत चुके हैं.
उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में ही बुडको कंपनी के माध्यम से प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय से जगदीश नंदन सिंह पथ के निर्माण की योजना स्वीकृत कराई गई थी.
नाला निर्माण में अनियमितता का आरोप
पूर्व सभापति ने शहर में चल रहे नाला निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान लेवलिंग का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की जानकारी और प्रचार-प्रसार भी आम लोगों तक नहीं पहुंचाया जा रहा है.
उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की. उनका कहना है कि योजनाओं को लेकर पारदर्शिता जरूरी है.
सात गांवों को शहरी क्षेत्र की बिजली सुविधा नहीं मिलने का मुद्दा
पूर्व सभापति ने नगर परिषद में शामिल सात गांवों की बिजली व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नगर परिषद बनने के बाद इन गांवों के लोगों को शहरी क्षेत्र के अनुसार बिजली बिल देना पड़ रहा है, लेकिन बिजली आपूर्ति अब भी ग्रामीण फीडर से की जा रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस समस्या के समाधान की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए हैं. साथ ही शहर में पहले लगाए गए हाई-मास्ट और स्ट्रीट लाइट के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए.
आवास, होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस पर भी सवाल
अंशुमान नंदन सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण के कार्यों को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरतमंद गरीब परिवारों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिला है.
उन्होंने होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस को लेकर भी आम नागरिकों की परेशानी का मुद्दा उठाया. पूर्व सभापति ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वे इन मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे.
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