बाल विवाह रोकने के लिए घर-घर पहुंचा अभियान, कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल

Updated:
विज्ञापन

शिवहर जिले में बाल विवाह के खिलाफ शपथ लेते स्कूली बच्चे

बिहार ग्राम विकास परिषद ने शिवहर जिले में बाल विवाह के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया है. इस अभियान में कानूनी हस्तक्षेप, सामुदायिक जागरूकता और कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है.

विज्ञापन

Sheohar News: बाल विवाह के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से 27 नवंबर को ‘बाल विवाह और कम उम्र में जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने पर बिहार ग्राम विकास परिषद ने हर्ष व्यक्त किया. इस अवसर पर परिषद की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गयी. संगठन के महामंत्री डॉ. रामचंद्र राय ने शिवहर जिले में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी.

आपके शहर में

विज्ञापन

कानूनी हस्तक्षेप से रुकवाए गए कई बाल विवाह

डॉ. रामचंद्र राय ने बताया कि शिवहर जिले में सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से कानूनी हस्तक्षेप के माध्यम से कई बाल विवाह रुकवाए गए हैं. बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के साथ लोगों को कानून के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है.

स्कूल और गांवों में चलाया गया जागरूकता अभियान

बाल विवाह के खिलाफ स्कूलों, पंचायतों और गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया.

इसके साथ ही डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलाई गयी. संगठन का उद्देश्य अभियान को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है.

कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल

प्रेस वार्ता में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और संवेदनशील परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है. संगठन के अनुसार, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में भी काम किया गया.

स्कूल छोड़ चुके बच्चों की दोबारा हुई पढ़ाई शुरू

बाल विवाह की रोकथाम के साथ शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का दोबारा स्कूलों में नामांकन कराया गया. बच्चों की शिक्षा जारी रखने को बाल विवाह की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया.

धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ा

बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में धर्मगुरुओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों को भी शामिल किया गया है. संगठन का कहना है कि सभी वर्गों की भागीदारी से बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है.

प्रेस वार्ता के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया गया. संगठन ने सरकार, प्रशासन और समाज के सहयोग से अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन