पटना में मरीजों की लग रही हैं लंबी कतारें, 40 प्रतिशत बढ़े मौसमी बीमारियों के मरीज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jul 2023 9:29 AM
इलाज के लिए आने वाले मरीजों में सबसे अधिक सर्दी, खांसी, बुखार से ग्रसित मरीज हैं. कुछ मरीजों को पेट दर्द की शिकायत भी है. करीब 40 प्रतिशत इन मौसमी बीमारियों से ग्रसित मिल रहे हैं.
मौसम के लगातार बदलने के कारण मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या में इजाफा होने लगा है. अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. अस्पतालों में 40 से 45 प्रतिशत लोग मौसमी बीमारियों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं. खासकर वे सर्दी, खांसी, बुखार, पेटदर्द, टायफाइड के साथ डायरिया से भी पीड़ित पाये जा रहे हैं. इसके अलावा नेत्र व चर्म रोग पीड़ितों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
पीएमसीएच के मेडिसिन व स्किन रोग विभाग में मरीजों की कतार चैंबर के बाहर तक लगी थी. मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ कौशल किशोर ने बताया कि यहां आने वाले मरीजों में सबसे अधिक सर्दी, खांसी, बुखार से ग्रसित मरीज हैं. कुछ मरीजों को पेट दर्द की शिकायत भी है. आने वाले मरीजों में करीब 40 प्रतिशत इन मौसमी बीमारियों से ग्रसित मिल रहे हैं. बुधवार को ओपीडी में 2068 मरीज पहुंचे, जिनमें सबसे अधिक करीब 147 लोग मेडिसिन, 138 स्किन, 112 नेत्र रोग की ओपीडी में आये थे. इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज फंगल इंफेक्शन, खुजली और लाल दाने से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं.
ओपीडी में आम दिनों की तुलना में भीड़ काफी अधिक दिखी. यहां सबसे अधिक लोग सर्दी, खांसी और बुखार के पीड़ित थे. खासकर बच्चों की संख्या अधिक थी. अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि मौसमी बीमारियों को देखते हुए अस्पताल में पहले से ही अलर्ट किया गया है. खासकर पांच दिनों से मरीज अधिक आ रहे हैं. दोपहर 12:15 बजे तक यहां 210 मरीज रजिस्ट्रेशन करा चुके थे. इनमें करीब 15 प्रतिशत लोग पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित दिखे.
आइजीआइएमएस के मेडिसिन व शिशु रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की सबसे लंबी कतार लगी हुई है. संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ मनीष मंडल ने बताया कि कुछ सामान्य वायरल बीमारियों और दस्त से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए पहुंचे हैं. हालांकि, यहां सबसे अधिक रेफर होकर मरीज आ रहे हैं. खासकर मेडिसिन, स्किन और शिशु रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में करीब 25 प्रतिशत मरीज पेटदर्द, डायरिया, सूखी खांसी, दस्त, सर्दी और वायरल बुखार से पीड़ित थे.
– खान-पान का विशेष ख्याल रखना चाहिए और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए.
– घरों में साफ-सफाई रखें
– बच्चों के सही पोषण का उनके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को विशेष ख्याल रखना चाहिए.
– पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी का सेवन करें.
– अगर बारिश में नहीं भींगें
– बाजार के खाने से परहेज रखें
– मच्छर-मक्खियों से बचाव के लिए उपाय अपनाएं
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