रोहतास में शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: आदेश के बाद भी प्रभार नहीं सौंपने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 26 May 2026 8:19 PM
ए आई द्वारा बनायी गयी तस्वीर
Sasaram News: रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड स्थित बसंत +2 उच्च विद्यालय (इटिम्हां-कर्मा) के प्रभारी प्रधानाध्यापक इन्द्रजीत पाण्डेय को वरीय शिक्षक नेसार अहमद को प्रभार न सौंपने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बीईओ और डीपीओ के कई आदेशों की अवहेलना करने के कारण स्थापना शाखा ने यह कार्रवाई की है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय चेनारी बीईओ कार्यालय तय किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
Sasaram News (मो. आरिफ खान): रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड अंतर्गत एक स्कूल में उच्चाधिकारियों के बार-बार दिए गए आदेश की अवहेलना करना और विद्यालय का प्रभार हस्तांतरित न करना एक प्रभारी प्रधानाध्यापक को भारी पड़ गया है. विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बसंत +2 उच्च विद्यालय, इटिम्हां-कर्मा के प्रभारी प्रधानाध्यापक इन्द्रजीत पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा की ओर से कार्यालय आदेश जारी कर दिया गया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालय, चेनारी निर्धारित किया गया है. साथ ही आदेश में उन्हें नियमानुसार जीवन यापन भत्ता देने की बात कही गई है.
नेसार अहमद को वित्तीय प्रभार सौंपने का था निर्देश, टालमटोल करते रहे आरोपी शिक्षक
स्थापना शाखा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) द्वारा जारी आदेश पत्र के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा 26 मई 2025 को ही इस विद्यालय के वरीय शिक्षक नेसार अहमद को वित्तीय प्रभार सहित प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया था. इसके बावजूद तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक इन्द्रजीत पाण्डेय ने विद्यालय का प्रभार उन्हें हस्तांतरित नहीं किया. मामले को गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा शाखा की ओर से 5 जून 2025 को उनसे स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगते हुए 24 घंटे के भीतर प्रभार सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया था.
खाता संचालन पर लगी रोक, हाईकोर्ट में भी मामला विचाराधीन
विभागीय आदेश का पालन नहीं होने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) नासरीगंज द्वारा 10 जून 2025 को पुनः निर्देश जारी किया गया, लेकिन इन्द्रजीत पाण्डेय ने इस आदेश को भी ठेंगे पर रख दिया. प्रभार हस्तांतरण नहीं होने की स्थिति में माध्यमिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने 1 जुलाई 2025 को उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा कर दी. इसके आलोक में स्थापना शाखा की ओर से कई बार आदेश जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया और कार्रवाई के तौर पर विद्यालय के बैंक खाता संचालन पर भी रोक लगा दी गयी थी.
इसके बावजूद, इन्द्रजीत पाण्डेय लगातार विभिन्न प्रशासनिक व व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए प्रभार हस्तांतरण से साफ इंकार करते रहे, जिसे विभागीय स्तर पर वैध (ग्राह्य) नहीं पाया गया. गौरतलब है कि इस प्रभार विवाद को लेकर माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एक वाद भी दायर किया गया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है.
विशिष्ट शिक्षक नियमावली के तहत शुरू हुई विभागीय कार्रवाई
कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक संशोधन नियमावली 2024 के स्थापित प्रावधानों के तहत आरोपी शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध औपचारिक रूप से विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है. विभाग द्वारा उनके खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) अलग से गठित किया जायेगा. इस बड़ी कार्रवाई से जिले के लापरवाह और आदेशों की अनदेखी करने वाले शिक्षकों और प्राध्यापकों के बीच हड़कंप मच गया है.
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