सासाराम : चार करोड़ से बना सीएचसी भवन, फिर भी मिल रही पीएचसी जैसी सुविधा, मरीजों की बढ़ी परेशानी

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पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नही होने से जर्जर हो रहा नवनिर्मित सीएचसी भवन | Prabhat Khabar Network

रोहतास के करगहर में चार करोड़ की लागत से बना सीएचसी भवन बदहाल है। सुविधाओं के अभाव में मरीजों को आज भी पीएचसी जैसी सेवाएं ही मिल पा रही हैं।

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करगहर पीएचसी को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी में बदल दिया गया. इसके लिए करीब चार करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला नया भवन भी तैयार किया गया. भवन निर्माण के करीब तीन साल बाद भी यहां मरीजों को पीएचसी स्तर की ही सुविधा मिल रही है. ऐसे में क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

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करगहर सीएचसी में 30 बेड की जगह संचालित हो रहा 6 बेड का अस्पताल

नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनने के बाद अस्पताल को 30 बेड की क्षमता वाला बनाया गया, लेकिन अब भी यहां पीएचसी की तरह केवल 6 बेड की सुविधा के साथ अस्पताल संचालित हो रहा है. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि नया भवन बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.

विशेषज्ञ डॉक्टरों और जांच सुविधाओं का अब भी इंतजार

सीएचसी स्तर के अस्पताल में हड्डी, नाक, कान, दांत और सर्जरी सहित कई विभागों के चिकित्सकों की सुविधा मिलने की उम्मीद थी. इसके अलावा डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और पैथोलॉजी जांच की सुविधा, प्रसूति कक्ष, ऑपरेशन थियेटर और आपातकालीन सेवा उपलब्ध होने की भी उम्मीद थी. लेकिन इन सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को आज भी सासाराम सदर अस्पताल रेफर करना पड़ता है.

करगहर सीएचसी भवन में दिखने लगीं दरारें

करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन की स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार भवन के कई हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं और कुछ जगहों पर दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं. इससे भवन की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी चिंता जतायी जा रही है.

हल्की चोट के मरीजों को भी किया जाता है रेफर

ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी की पूरी सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. गंभीर मामलों के साथ कई बार मामूली चोट या अन्य इलाज के लिए भी मरीजों को बेहतर सुविधा वाले अस्पतालों की ओर रेफर करना पड़ता है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती है.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बतायी स्थिति

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविकांत ने बताया कि पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी के नए भवन का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन अभी तक यहां पीएचसी स्तर की ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि सरकार और विभाग जल्द आवश्यक चिकित्सक, उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर अस्पताल को पूरी तरह सीएचसी के रूप में संचालित करेगा.

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