सासाराम : गुप्ता धाम में आस्था की भावुक तस्वीर, हाथों के सहारे पहुंचे दिव्यांग श्रद्धालु, पुलिस ने कराया जलाभिषेक
दिव्यांग पुरुष
सावन की अंतिम सोमवारी पर गुप्ता धाम में दोनों पैरों से दिव्यांग श्रद्धालुओं ने हाथों के सहारे बाबा का जलाभिषेक किया, पुलिस ने की मदद।
आस्था सच्ची हो तो मुश्किल से मुश्किल रास्ता भी आसान लगने लगता है. सावन की अंतिम सोमवारी पर गुप्ता धाम में आस्था और मानवता की ऐसी ही भावुक तस्वीर देखने को मिली. दोनों पैरों से दिव्यांग महिला और पुरुष श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर बाबा गुप्तेश्वरनाथ का जलाभिषेक करने गुप्ता धाम पहुंचे. चलने में असमर्थ होने के बावजूद दोनों हाथों के सहारे आगे बढ़ते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे. श्रद्धालुओं की स्थिति देखकर पुलिसकर्मी भी भावुक हो उठे और उन्हें सहारा देकर मंदिर तक पहुंचाया.
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हाथों के सहारे बाबा के दरबार तक पहुंचे श्रद्धालु
गुप्ता धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच झारखंड के रांची से पहुंचे दिव्यांग पुरुष श्रद्धालु को थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार और पुलिसकर्मियों ने सहारा देकर बाबा के दरबार तक पहुंचाया. वहीं, उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नौबतपुर निवासी दिव्यांग महिला रीता देवी को महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला और सुरक्षित तरीके से मंदिर तक पहुंचाकर दर्शन एवं जलाभिषेक कराया. दोनों श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की यह मदद किसी वरदान से कम नहीं थी.
बेटी की बीमारी में मांगी थी मन्नत
चंदौली जिले के नौबतपुर निवासी रीता देवी ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले वह गुप्ता धाम में बाबा का जलाभिषेक करने आई थीं. घर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को किसी जहरीले जीव ने काट लिया है. बेटी की हालत को लेकर वह काफी चिंतित हो गई थीं. इसके बाद उन्होंने घर से ही बाबा गुप्तेश्वरनाथ से प्रार्थना कर मन्नत मांगी कि बेटी के स्वस्थ होने पर वह सात वर्षों तक बाबा के दरबार में पहुंचकर जलाभिषेक करेंगी.
बेटी ठीक हुई तो पूरी करने पहुंचीं मन्नत
रीता देवी ने बताया कि बाबा की कृपा से उनकी बेटी स्वस्थ हो गई. अब वह पूरी तरह ठीक है और पढ़ाई कर रही है. बेटी के स्वस्थ होने के बाद रीता देवी ने अपनी मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया. इसी संकल्प को पूरा करने के लिए दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वह हाथों के सहारे गुप्ता धाम पहुंचीं और सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा गुप्तेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया.
बेटे की नौकरी लगी तो पिता ने चढ़ाया जल
झारखंड के रांची निवासी दिव्यांग पुरुष श्रद्धालु ने बताया कि उनके बेटे की नौकरी नहीं लग रही थी. काफी प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिल रही थी. परेशान होकर उन्होंने बाबा गुप्तेश्वरनाथ से मन्नत मांगी थी कि बेटे की नौकरी लगने पर वह बाबा के दरबार में पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे. उन्होंने बताया कि बाबा की कृपा से बेटे की नौकरी लग गई. इसके बाद मन्नत पूरी करने के लिए वह गुप्ता धाम पहुंचे.

दिव्यांग होने के बावजूद नहीं छोड़ी आस्था
दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण पुरुष श्रद्धालु चल नहीं सकते हैं. इसके बावजूद वह हाथों के सहारे बाबा के दरबार तक पहुंचने का प्रयास करते रहे. उनकी आस्था देखकर पुलिसकर्मी आगे आए और उन्हें सहारा देकर मंदिर तक पहुंचाया. श्रद्धालु की इस आस्था ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया.
पुलिस की संवेदनशीलता ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
गुप्ता धाम में तैनात पुलिसकर्मियों ने जिस संवेदनशीलता के साथ दोनों दिव्यांग श्रद्धालुओं की मदद की, उसकी लोगों ने सराहना की. थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने पुरुष श्रद्धालु को सहारा दिया, जबकि महिला पुलिसकर्मियों ने रीता देवी को मंदिर तक पहुंचाया.
गुप्ता धाम में दिखी आस्था और मानवता की मिसाल
सावन की अंतिम सोमवारी पर गुप्ता धाम में उमड़ी आस्था की भीड़ के बीच दोनों दिव्यांग श्रद्धालुओं का हाथों के सहारे बाबा के दरबार तक पहुंचना भावुक कर देने वाला दृश्य रहा. मन्नत पूरी होने के बाद कठिन परिस्थितियों में भी जलाभिषेक करने पहुंचे दोनों श्रद्धालुओं ने आस्था की मिसाल पेश की. वहीं, पुलिसकर्मियों की संवेदनशील पहल ने इस पूरे दृश्य को और यादगार बना दिया.
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