रक्षाबंधन 28 अगस्त को, राखी बांधने को लेकर दूर हुआ संशय; जानें बनारस के प्रकांड विद्वान ने कब बताई शुभ घड़ी

Updated:
विज्ञापन

आचार्य पंडित विनय कुमार मिश्र उर्फ विनय बाबा | Prabhat Khabar Network

28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. भद्रा का साया नहीं होने से बहनें कब से राखी बांध सकेंगी. जानें प्रकांड विद्वान ने कब बताई शुभ घड़ी.

विज्ञापन

Rakhi Bandhan 2026 : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत माना जा रहा है. पंचांग के अनुसार इस बार राखी बांधने के समय भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा.

आपके शहर में

विज्ञापन

सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक राखी बांधना शुभ

प्रकांड विद्वान आचार्य पंडित विनय कुमार मिश्र उर्फ विनय बाबा ने बताया कि 28 अगस्त को प्रातः 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय माना गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय सूर्योदय और पंचांग के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर संभव है. इस दौरान बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं. उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी भी सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक के समय को प्रमुख शुभ अवधि बताती है.

भद्रा को लेकर नहीं रहेगा संशय

आचार्य विनय बाबा ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी. ऐसे में बहनों को राखी बांधने के दौरान भद्रा को लेकर विशेष चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. पूर्णिमा तिथि भी 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी, इसलिए इसी अवधि में रक्षा सूत्र बांधना विशेष शुभ माना जा रहा है.

तिलक-अक्षत के बाद दाहिनी कलाई पर बांधें रक्षा सूत्र

आचार्य मिश्र ने बताया कि राखी बांधने से पहले भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कराकर बैठाना चाहिए. इसके बाद बहन भाई के माथे पर तिलक लगाए, अक्षत चढ़ाए और दीप से पूजा करे. पूजा के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसे मिठाई खिलानी चाहिए. यह परंपरा भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक मानी जाती है.

उपहार की कीमत नहीं, भावना का महत्व

आचार्य विनय बाबा ने कहा कि रक्षाबंधन पर भाई द्वारा बहन को वस्त्र, आभूषण, चांदी का सिक्का, फल-मिठाई या उसकी पसंद का कोई उपयोगी उपहार देना शुभ माना जाता है. हालांकि उपहार का वास्तविक महत्व उसकी कीमत में नहीं, बल्कि बहन के प्रति प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना में है. उन्होंने कहा कि भाई को बहन की रक्षा, सम्मान और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेना चाहिए.

भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और उपहार देने का पर्व नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने और भाई-बहन के बीच स्नेह एवं जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है. वैसे तो 28 अगस्त को दिन में उपयुक्त मुहूर्त देखकर राखी बांधी जा सकती है, लेकिन सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक का समय प्रमुख शुभ अवधि माना गया है.

रक्षाबंधन के साथ श्रावण पूर्णिमा और संस्कृत दिवस

आचार्य विनय बाबा ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ श्रावण पूर्णिमा और संस्कृत दिवस भी मनाया जाएगा. पर्व को लेकर डेहरी और आसपास के बाजारों में राखियों की मांग बढ़ने लगी है. दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां सज गई हैं.

बच्चों को आकर्षित कर रहीं कार्टून वाली राखियां

बाजार में बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर और विभिन्न आकर्षक डिजाइनों वाली राखियां विशेष रूप से उपलब्ध हैं. पारंपरिक राखियों के साथ डिजाइनर और पर्यावरण अनुकूल राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं. दुकानदारों को इस वर्ष रक्षाबंधन पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है.

Also Read : रोहतास : TRE-3 शिक्षकों का जुलाई वेतन अटका, एरियर भी लंबित, आर्थिक परेशानी से बढ़ी नाराजगी



विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन