रोहतास: दो दिन की झमाझम बारिश के बाद चेनारी में खेती ने पकड़ी रफ्तार, किसान धान की रोपनी में जुटे, अच्छी उपज होने की उम्मीद जताई

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चेनारी में खेत की रोपाई करते लोग

रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड में हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर अब खुशी लौट आई है. खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे खेती-किसानी का उत्साह फिर से जाग उठा है.

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Saasaram Rain Impact : रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड में लगातार दो दिनों तक हुई झमाझम बारिश ने खेती-किसानी की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. लंबे समय से मानसून की बेरुखी झेल रहे किसानों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है. खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है और ग्रामीण इलाकों में फिर से खेती का उत्साह लौट आया है.

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प्रखंड क्षेत्र के मल्हीपुर, चेनारी, उगहनी, केनार कला, बादलगढ़, नरैना डोईआ और बर्तानवी सहित दर्जनों गांवों में सुबह से शाम तक खेतों में चहल-पहल देखी जा रही है. कहीं महिलाएं कतारबद्ध होकर धान की रोपनी कर रही हैं, तो कहीं पुरुष जुताई, पाटा चलाने और बिचड़ा पहुंचाने में जुटे हैं. हर तरफ खेतों में काम की रौनक नजर आ रही है.

Rain : बारिश ने दूर की किसानों की चिंता

बारिश नहीं होने के कारण किसान पिछले कई दिनों से परेशान थे. धान के बिचड़े सूखने लगे थे और उन्हें बचाने के लिए डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही थी, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी. कई किसानों को यह डर सता रहा था कि समय पर बारिश नहीं हुई तो रोपनी पिछड़ जाएगी और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा.

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लेकिन बीते दो दिनों की अच्छी बारिश ने किसानों की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है. अब खेतों में पानी भर जाने से रोपनी का काम तेजी से शुरू हो गया है और किसान राहत महसूस कर रहे हैं.

Saasaram News : किसानों ने बताया ‘वरदान’

स्थानीय किसान मुनेश्वर कुशवाहा, जयराम शर्मा और अरविंद कुमार उपाध्याय का कहना है कि यह बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. उनका मानना है कि अगर आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही, तो इस साल धान की फसल बेहतर होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है. साथ ही डीजल पंप से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा.

Weather : क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की रोपनी का यही सबसे उपयुक्त समय होता है. समय पर रोपनी होने से पौधों का विकास बेहतर होता है और फसल की पैदावार भी अच्छी मिलती है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य रहा, तो खरीफ की खेती इस वर्ष बेहतर रहने की उम्मीद है.

खेतों में लौटी रौनक

लगातार हुई बारिश के बाद चेनारी के ग्रामीण इलाकों में खेतों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. कुछ दिन पहले तक जहां सूखे खेत किसानों की चिंता बढ़ा रहे थे, वहीं अब उन्हीं खेतों में धान की रोपनी का काम पूरे जोर-शोर से जारी है. किसान उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार मौसम साथ देता रहा, तो उनकी मेहनत रंग लाएगी और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा.

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