Rohtas News: कभी निखरती थीं खेल प्रतिभाएं, आज पशुओं का बना चारागाह; बदहाल हुआ नोखा का यह मैदान
नोखा बाजार समिति खेल मैदान में घूमते पशु | Prabhat Khabar Network
रोहतास जिले के नोखा प्रखंड का एकमात्र खेल मैदान उपेक्षा का शिकार है, जो अब आवारा पशुओं का अड्डा बन गया है. खेल प्रतिभाएं निखरने की जगह अब यहां दुर्घटनाओं का डर सता रहा है. स्थानीय खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
Rohtas News: जिले के नोखा प्रखंड स्थित बाजार समिति का एकमात्र खेल मैदान इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रहा है. जिस मैदान से कभी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा तराश कर निकलते थे, वह मैदान अब आवारा पशुओं का चारागाह बन चुका है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण मैदान की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे खेलप्रेमियों में भारी असंतोष है.
आवारा पशुओं और खच्चरों के बीच कड़ा अभ्यास
मैदान में चारों तरफ आवारा मवेशी, घोड़े, गदहे और खच्चर विचरण करते आसानी से देखे जा सकते हैं. इस स्थिति के कारण जमीन पूरी तरह उबड़-खाबड़ और गंदी हो गई है. फुटबॉल खिलाड़ी और वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक प्रो. श्यामलाल, प्रो. अशोक चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, अजय कुमार, राजू तिवारी, दीपक कुमार और मो. आरिफ ने बताया कि "यहाँ छात्राएं और महिला फुटबॉल खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास के लिए आती हैं. इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना बहाली की तैयारी करने वाले सैकड़ों युवा शारीरिक फिटनेस के लिए सुबह-शाम दौड़ लगाते हैं, लेकिन पशुओं की मौजूदगी से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है."
महिला खिलाड़ियों ने उठाई चहारदीवारी की मांग
महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी डिम्पल कुमारी, सुमन कुमारी, अर्चना कुमारी, सिम्मी राज, अमृता और पिंकी ने कहा कि "हम लंबे समय से मैदान के समतलीकरण, चहारदीवारी और एक छोटे स्टेडियम के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई." खिलाड़ियों ने बताया कि पश्चिमपट्टी हाई स्कूल मैदान में तो बाउंड्री वॉल बन गई, लेकिन इस प्रमुख मैदान को पूरी तरह खुला छोड़ दिया गया है.
शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
स्थानीय नगरवासियों का आरोप है कि खेल मैदान खुला होने के कारण शाम ढलते ही यहाँ जुआरियों और नशेड़ियों का अड्डा जम जाता है. इस संबंध में कई बार स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मैदान को सुरक्षित करने के लिए अविलंब चहारदीवारी बनवाई जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर रोक लग सके और खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल मिल सके.
नगर परिषद ने दिया व्यवस्था सुधारने का भरोसा
मामले को लेकर जब नगर परिषद से संपर्क किया गया तो सिटी मैनेजर प्रवीण कुमार ओझा ने कहा कि "खेल मैदान की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी ली जाएगी. मैदान में पशुओं के अनाधिकृत प्रवेश और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर संबंधित स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे." उन्होंने आगे कहा कि "खिलाड़ियों और आम नागरिकों को बेहतर खेल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से मैदान की व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा."
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