सारण: दशहरा में बिजली सुरक्षा को लेकर अलर्ट, छपरा के 2500 लोहे के पोल पर होगी प्लास्टिक रैपिंग

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छपरा विद्युत अंचल कार्यालय | Prabhat Khabar Network

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दशहरा और अन्य त्योहारों के दौरान बिजली करंट से होने वाली घटनाओं से बचाव के लिए बिजली कंपनी ने कमर कस ली है। छपरा में 2500 लोहे के बिजली पोल पर सात फीट तक प्लास्टिक कवर लगाया जाएगा, साथ ही लटकते तारों में गार्ड वायर व सेपरेटर लगाए जाएंगे।

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Saran News : दशहरा और अन्य त्योहारों के दौरान बिजली करंट से होने वाली घटनाओं को देखते हुए बिजली कंपनी ने इस बार सुरक्षा को लेकर तैयारी तेज कर दी है. छपरा नगर निगम क्षेत्र समेत जिले के पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है. शहर के करीब 2500 लोहे के बिजली पोल पर सात फीट तक प्लास्टिक कवर की रैपिंग कराने की तैयारी है. वहीं, नंगे और लटके हुए तारों में गार्ड वायर व प्लास्टिक सेपरेटर लगाने का काम भी किया जाएगा.

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इसके अलावा दशहरा के दौरान बढ़ने वाले बिजली लोड को देखते हुए सभी ट्रांसफार्मरों की मैपिंग करायी जाएगी. इसके बाद जरूरत के अनुसार लोड डिस्ट्रीब्यूशन किया जायेगा, ताकि किसी इलाके में ओवरलोडिंग की स्थिति नहीं बने. बिजली कंपनी की ओर से पूजा पंडाल आयोजकों से भी आवेदन मांगे गये हैं और उन्हें पंडाल निर्माण के दौरान बिजली सुरक्षा के नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है.

करंट से बचाव के लिए सात फीट तक होगी पोल की प्लास्टिक रैपिंग

शहर में जिन स्थानों पर पूजा पंडाल बनाये जा रहे हैं, वहां आसपास मौजूद लोहे के बिजली पोल को सुरक्षित बनाने की तैयारी की जा रही है. नगर निगम क्षेत्र के 45 वार्डों में करीब 2500 लोहे के पोल हैं, जिन पर प्लास्टिक कवर लगाने की योजना है.

बिजली कंपनी के अनुसार, पोल पर करीब सात फीट तक प्लास्टिक रैपिंग की जायेगी. इसका उद्देश्य लोहे के पोल से अर्थिंग या किसी तरह के करंट के संपर्क में आने की आशंका को कम करना है. दशहरा के दौरान पंडालों के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है, ऐसे में पोल को सुरक्षित बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

भीड़ वाले रास्तों पर तारों में लगेंगे सेपरेटर और गार्ड वायर

शहर की कई गलियों और मोहल्लों में अभी भी पुराने और नंगे तारों के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है. ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के लिए सेपरेटर और गार्ड वायर लगाने का निर्देश दिया गया है. मुख्य सड़कों और जुलूस के संभावित मार्गों पर भी विशेष रूप से तारों की जांच की जायेगी.

बिजली कंपनी की ओर से लटके हुए तारों में करीब एक मीटर के अंतराल पर सेपरेटर लगाने की तैयारी है. कंपनी को उम्मीद है कि प्लास्टिक सेपरेटर उपलब्ध हो जायेंगे. यदि प्लास्टिक सेपरेटर नहीं मिलते हैं, तो वैकल्पिक रूप से बांस के सेपरेटर का इस्तेमाल किया जा सकता है. सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित क्षेत्र के कर्मियों पर कार्रवाई की बात भी कही गयी है.

ओवरलोडिंग रोकने के लिए ट्रांसफार्मरों की होगी मैपिंग

दशहरा के दौरान पंडालों, रोशनी और बाजारों में बिजली की खपत बढ़ जाती है. इसे देखते हुए बिजली कंपनी सभी ट्रांसफार्मरों की मैपिंग कराने की तैयारी में है. इससे यह पता लगाया जायेगा कि किस ट्रांसफार्मर पर कितना लोड है और त्योहार के दौरान अतिरिक्त लोड कहां बढ़ सकता है.

मैपिंग के बाद जरूरत के अनुसार लोड डिस्ट्रीब्यूशन किया जायेगा. कंपनी का उद्देश्य ओवरलोडिंग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ ट्रांसफार्मर और तारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करना है.

पूजा पंडाल के लिए लेना होगा बिजली कनेक्शन

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पूजा पंडाल बनाने वाले आयोजकों को बिजली के लिए आवेदन देना होगा. बिजली कंपनी ने आयोजकों से कहा है कि पंडाल का निर्माण बिजली के तारों से पर्याप्त दूरी पर किया जाये.

आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पंडाल के आसपास ट्रांसफार्मर, नंगा तार या अन्य कोई विद्युत जोखिम मौजूद नहीं हो. पंडाल में बिजली की व्यवस्था के लिए संबंधित क्षेत्र के बिजली कार्यालय को आवश्यक जानकारी देनी होगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कनेक्शन लेना होगा.

दशहरा के दौरान 24 से अधिक कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी

दशहरा पूजा के दौरान बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने के लिए कंट्रोल रूम भी तैयार किये जा रहे हैं. जिले के प्रखंडों और नगर निकायों के लिए अलग-अलग नंबर जारी किये जाने की तैयारी है.

कंट्रोल रूम में अलग-अलग कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. इसके अलावा फ्यूज कॉल सेंटर को सक्रिय रखने और पर्याप्त मानव बल की तैनाती की भी तैयारी चल रही है, ताकि बिजली संबंधी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई की जा सके.

जर्जर और झुके पोल बदलने की भी लोगों ने उठायी मांग

बिजली कंपनी की सुरक्षा तैयारियों के बीच शहर के लोगों ने जर्जर और टूटे हुए बिजली पोलों को बदलने की मांग भी उठायी है. लोगों का कहना है कि कई गलियों में बिजली के पुराने पोल झुके हुए हैं और कई जगह तार भी काफी जर्जर हालत में हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार आवेदन देने के बावजूद कुछ स्थानों पर जर्जर पोल और तारों को नहीं बदला गया है. दशहरा के दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति में ऐसे पोल और तार सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. लोगों ने त्योहार से पहले ऐसे सभी स्थानों की जांच कर जर्जर पोल और तार बदलने की कार्रवाई करने की मांग की है.

एक नजर में बिजली कंपनी की तैयारी

  • 45 वार्ड हैं छपरा नगर निगम क्षेत्र में.
  • करीब 4 लाख है शहर की आबादी.
  • दशहरा में करीब 2 लाख अतिरिक्त लोगों के पहुंचने का अनुमान.
  • जिले में करीब 1600 प्रतिमाओं के लिए लाइसेंस.
  • 70 से अधिक बड़े पंडाल बनाये जाते हैं.
  • करीब 10 हजार छोटी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित होती हैं.
  • करीब 2500 लोहे के पोल पर प्लास्टिक रैपिंग की तैयारी.
  • 7000 से अधिक गार्ड वायर लगाने की तैयारी.
  • 24 से अधिक कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी.
  • 150 से अधिक अतिरिक्त मानव बल लगाने की तैयारी.

क्या कहते हैं अधीक्षण अभियंता

"आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी लोहे के पोल में पॉलिथीन लगाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है. जहां भी तार लटके हुए होंगे, वहां सेपरेटर और गार्ड वायर लगाए जाएंगे. कंट्रोल रूम की भी स्थापना की जा रही है. पूजा पंडाल आयोजकों से आग्रह है कि वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए पंडाल का निर्माण करें और बिजली कनेक्शन जरूर लें."

रितेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, सारण अंचल

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