छपरा में निर्माण वाले इलाकों में सुबह से देर रात तक उड़ रही धूल, सांस लेना हुआ मुश्किल

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बस स्टैंड रोड में उड़ रही धूल

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सारण शहर के कई निर्माण स्थलों से लगातार उड़ रही धूल लोगों के लिए आफत बन गई है. डबल डेकर और सड़क-नाला निर्माण से जमा मिट्टी और रेत हवा में मिलकर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित छिड़काव की मांग की है.

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Saran News : शहर के कई निर्माण वाले इलाकों में सुबह से लेकर देर रात तक धूल उड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. खासकर डबल डेकर निर्माण और सड़क-नाला निर्माण वाले क्षेत्रों में सड़क किनारे भारी मात्रा में मिट्टी और रेत जमा है. वाहनों के गुजरने के दौरान यही मिट्टी और रेत हवा में उड़कर आसपास के वातावरण में फैल रही है. इससे दुकानदारों, राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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सुबह के समय सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ धूल भी अधिक उड़ रही है. निर्माण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है. नगर निगम की ओर से निर्माण वाले इलाकों में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन कई जगह मिट्टी और रेत का ढेर अधिक होने के कारण समस्या बनी हुई है.

मौना-तेलपा रोड पर धूल का सबसे ज्यादा असर

शहर में मौना चौक से तेलपा के बीच धूल की समस्या अधिक देखी जा रही है. इस मार्ग पर डबल डेकर निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह पाइलिंग का काम हुआ है. अब कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर लगे हैं. यह शहर का व्यस्त मार्ग है और सुबह से ही वाहनों का परिचालन शुरू हो जाता है. वाहनों के गुजरने से सड़क किनारे जमा मिट्टी हवा में उड़ती रहती है.

मेवालाल चौक, गांधी चौक, पुलिस लाइन और तेलपा समेत आसपास के मोहल्लों के लोगों को इससे परेशानी हो रही है. सड़क किनारे दुकान चलाने वाले दुकानदारों को भी दिनभर धूल का सामना करना पड़ रहा है.

बस स्टैंड रोड पर भी दिनभर उड़ रही धूल

छपरा बस स्टैंड के पास भी कई जगह रेत और मिट्टी जमा है. सड़क किनारे पड़े इन ढेरों के कारण वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती रहती है. बस स्टैंड रोड पर दिनभर लोगों की आवाजाही होती है. ऐसे में धूल के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है.

धूल की अधिक मात्रा के कारण कई बार सड़क पर सामने का दृश्य भी प्रभावित होता है. इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है.

आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी

निर्माण वाले इलाकों में लगातार धूल उड़ने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल के कारण घर और दुकानों में भी मिट्टी जमा हो रही है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

लगातार धूल के संपर्क में रहने से पहले से सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों की दिक्कत बढ़ सकती है. धूल के कणों से आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री को ढककर रखने और नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की है.

सुबह-शाम हो रहा पानी का छिड़काव

नगर निगम की ओर से पिछले सप्ताह से निर्माण वाले इलाकों में सुबह और शाम पानी का छिड़काव कराया जा रहा था. हालांकि कुछ स्थानों पर नियमित छिड़काव नहीं होने की शिकायत है. जहां मिट्टी और रेत की मात्रा अधिक है, वहां धूल की समस्या भी ज्यादा बनी हुई है.

मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि सभी निर्माण वाले इलाकों में सुबह, दोपहर और शाम तीनों शिफ्ट में पानी का छिड़काव कराने का सख्त निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि छिड़काव में अनियमितता की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.

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