छपरा मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई, 100 की जगह 50 सीटों पर मिली मंजूरी

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छपरा मेडिकल कॉलेज

छपरा मेडिकल कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की मंजूरी मिल गई है. फिलहाल 50 सीटों पर दाखिला होगा, जिससे जिले के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नया अध्याय जुड़ेगा. कॉलेज में अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है.

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Chhapra Medical College: राजकीय छपरा मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति मिल गयी है. हालांकि, नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने फिलहाल 100 की जगह 50 सीटों पर ही नामांकन की मंजूरी दी है. कॉलेज के लिए जरूरी स्टाफ, प्राध्यापकों और कुछ आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी कमियों के कारण 100 सीटों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी.

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राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 सीटों पर नामांकन की अनुमति के लिए एनएमसी के समक्ष दो बार अपील की गयी थी. दूसरी अपील पर सुनवाई के बाद 2 सितंबर 2026 को 50 सीटों पर नामांकन की अनुमति मिली. कॉलेज प्रशासन को आने वाले समय में सीटों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

पहली अपील में लगा झटका, दूसरी अपील में मिली राहत

छपरा मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एनएमसी के समक्ष अपील की थी. कमिशन की ओर से स्टाफ और प्राध्यापकों की कमी के साथ अग्निशमन और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र सहित कुछ तकनीकी कमियां बतायी गयी थीं. इसके चलते 100 सीटों के प्रारंभिक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गयी.

इसके बाद राज्य सरकार की ओर से दूसरी अपील की गयी और बतायी गयी कमियों को पूरा करने के लिए लिखित आश्वासन केंद्र सरकार की कमेटी को सौंपा गया. इसके बावजूद 100 सीटों पर नामांकन की अनुमति नहीं मिली और फिलहाल 50 सीटें स्वीकृत की गयी हैं.

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 500 से 600 मरीज पहुंच रहे हैं. सर्जरी के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है. इन्हीं व्यवस्थाओं को देखते हुए दूसरी अपील पर 2 सितंबर को 50 सीटों के लिए अनुमति जारी की गयी.

नामांकन शुरू होने से स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव

छपरा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होना जिले के स्वास्थ्य और शैक्षणिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. इसके साथ ही छपरा मेडिकल कॉलेज बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सूची में शामिल हो गया है, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई करायी जायेगी.

मई में शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट

मेडिकल कॉलेज में बीते मई महीने में ऑक्सीजन प्लांट भी चालू हो गया था. अस्पताल के विभिन्न चिकित्सीय कमरों तक ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. इसके बाद मरीजों के भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हुई और कई मामलों में मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम हुई है.

पैथोलॉजी और फिजियोथेरेपी की सुविधा बहाल

मेडिकल कॉलेज में विभिन्न बीमारियों से संबंधित पैथोलॉजी जांच की सुविधा बहाल हो चुकी है. अस्पताल में कई तरह की जांच उपलब्ध हैं. कुछ हाईटेक जांचों के लिए उपकरण उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार से बातचीत चल रही है.

फिजियोथेरेपी से संबंधित मरीजों का इलाज भी शुरू हो चुका है. इसके लिए चिकित्सक की व्यवस्था की गयी है.

कॉलेज में 312 टीचिंग स्टाफ के पद स्वीकृत

छपरा मेडिकल कॉलेज में कुल 312 टीचिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं. इनमें प्रोफेसर (एचओडी) के 24, एसोसिएट प्रोफेसर के 47, असिस्टेंट प्रोफेसर के 74, सीनियर रेजिडेंट या ट्यूटर के 84, मेडिकल ऑफिसर के 16, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के 58, लेडी मेडिकल ऑफिसर के छह, एपिडेमियोलॉजिस्ट कम लेक्चरर का एक, स्टैटिस्टिक्स कम लेक्चरर का एक और कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर का एक पद शामिल है.

कॉलेज अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में 225 नर्सों की जरूरत है, जबकि फिलहाल इससे कुछ कम नर्स कार्यरत हैं.

425 करोड़ की लागत से 20 एकड़ में बना है कॉलेज

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 8 जनवरी 2025 को किया था. करीब 425 करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ में बने इस संस्थान में 500 बेड का अस्पताल और 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज तैयार किया गया है.

फिलहाल 50 सीटों पर नामांकन की अनुमति मिलने से कॉलेज प्रशासन और सारण के लोगों में खुशी है.

कई जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध

मेडिकल कॉलेज में फिलहाल जिन सुविधाओं के बहाल होने की जानकारी दी गयी है, उनमें शामिल हैं-

  • अल्ट्रासाउंड.
  • एक्स-रे.
  • बोन मैरो जांच.
  • गिल्टी की जांच.
  • कैंसर जांच.
  • पेट में पानी भरने की जांच.
  • रीढ़ में पानी आने की जांच.
  • यूरिन कल्चर जांच.
  • महिलाओं से संबंधित छोटे ऑपरेशन.
  • पुरुषों से संबंधित छोटे ऑपरेशन.
  • हाइड्रोसील ऑपरेशन.
  • गिल्टी का ऑपरेशन समेत अन्य सुविधाएं.

क्या बोले कॉलेज सुपरिटेंडेंट

छपरा मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट सीपी जायसवाल ने कहा कि फिलहाल 50 सीटों की स्वीकृति मिली है, जबकि संस्थान का पूरा ढांचा 100 सीटों की क्षमता के अनुरूप तैयार है. नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू हो जायेगी. छात्रों का एलॉटमेंट केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है. उन्होंने कहा कि अनुमति मिलने से कॉलेज प्रशासन खुश है और मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी की पहल से यह संभव हो पाया है.

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