Samastipur News : सामाजिक पहल होती तो नहीं हो होती दो की हत्या

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थाना क्षेत्र के हेमनपुर गांव में हुई दो लोगों की हत्याओं ने समाज के बदलते हुए स्वरूप को उघार कर दिया है.

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मोहिउद्दीननगर.

थाना क्षेत्र के हेमनपुर गांव में हुई दो लोगों की हत्याओं ने समाज के बदलते हुए स्वरूप को उघार कर दिया है. बात-बात पर थाना-पुलिस को बुलाने वाले लोग गांव के संस्कारों को भूलते चले गये. एक वक्त था जब गांव में पुलिस का आना शिकायत की बात मानी जाती थी. लोग आपसी उलझन को मिल बैठकर सुलझा लेते थे. लोगों के मन में इस प्रकार की बात थी कि कोर्ट कचहरी आर्थिक और सामाजिक तनाव बढ़ाते हैं इनसे दूर ही रहना चाहिए. गांव में इस प्रकार के मान्यजन होते थे, जिन्हें कोर्ट से अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त थी. वे न्याय के लिए जाने जाते थे. वे बदलते हुए समय में तटस्थ रहने लगे अब कोई किसी के निकट नहीं बैठता है.

बैठता भी है तो मन में कुछ न कुछ दबा के रखना है. हेमनपुर गांव में हुई हत्याओं ने इस बात को प्रमाणित किया कि लोग एक दूसरे से इतनी दूर चले गये हैं कि सामाजिक उलझनों ने हत्याओं का रूप ले लिया है, हालांकि इन हत्याओं की जड़ों तक जाने के लिए पुलिस लगातार परिश्रम कर रही है, लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि यदि कोई पहल सामाजिक स्तर से निकाल दिया गया होता तो यह नासूर नहीं बनता. अब सामाजिक स्तर पर एक चुनौती यह है कि लोग पुलिस और कोर्ट कचहरी के भरोसे नहीं रहकर अपने स्तर से ऐसे मामलों को सुलझा लें. सबसे पहली बात यह है कि ऐसे मामले उपजे ही नहीं. यदि उपज भी जाये तो स्थानीय लोग इसे गंभीरतापूर्वक सुलझा लें.

हत्या की वारदात के बाद नहीं दिखे स्थानीय नेता

आमतौर पर किसी प्रकार की दुर्घटना राजनीतिक मुद्दे को जन्म देती है. यह मुद्दे निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए होते हैं. हेमनपुर में दो लोगों की हत्याओं ने स्थानीय नेताओं की पोल खोल कर रख दी है. दुर्घटना के बाद मातम कुर्सी करने और सांत्वना देने वाला कोई नेता सामने नहीं अब तक आया है. उन्हें इस बात का संभवतः डर है कि वह किसी एक पक्ष की ओर जायेंगे तो उनका वोट बिगड़ सकता है. स्थानीय नेताओं ने हत्या के बाद सांत्वना देने की भी औपचारिकता नहीं निभाई.

गांव में मौजूद रही पुलिस

हेमनपुर गांव में दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार कैंप कर रही है. थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस संदिग्धों पर करी नजर रख रही है. अभी भी ग्रामीणों की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हुई है.

घटना के बाद गठित की गई एसआइटी

पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्र के निर्देश पर घटना के बाद एसआईटी गठित की गई है. डीएसपी पटोरी बीके मेधावी के नेतृत्व में टीम ने थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद, अवर थाना ध्यक्ष प्रियंका कुमारी, एसआई अमानुल्लाह खान व गुड्डू कुमार को शामिल किया गया है. टीम घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों लगातार छापेमारी कर रही है.

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