हाथीदह-सिमरिया रेल पुल की तैयारी अंतिम चरण में, अक्टूबर से दौड़ेंगी दो-दो ट्रेनें

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हाथीदह-सिमरिया रेल पुल की तैयारी अंतिम चरण में, अक्टूबर से दौड़ेंगी दो-दो ट्रेनें

उत्तर और दक्षिण बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा हाथीदह-सिमरिया डबल ट्रैक रेल पुल अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे एक साथ दो ट्रेनों का परिचालन संभव होगा. हालांकि, इस दौरान बरौनी-हाथीदह रेलखंड पर मेगा ब्लॉक के कारण 400 से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा.

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New Rail Track: उत्तर और दक्षिण बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे हाथीदह-सिमरिया डबल ट्रैक रेल पुल के अक्टूबर के पहले सप्ताह से चालू होने की उम्मीद है. इसके शुरू होने के बाद पुल पर एक साथ दो ट्रेनों का परिचालन संभव हो जाएगा. हालांकि इससे पहले रेलवे 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बरौनी-हाथीदह रेलखंड पर मेगा ब्लॉक लेगा, जिससे करीब 400 से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा.

21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रहेगा मेगा ब्लॉक

रेलवे की योजना के अनुसार 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बरौनी-हाथीदह रेलखंड पर प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा. इस दौरान नए डबल ट्रैक रेल पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. मेगा ब्लॉक के अंतिम 36 घंटे तक इस रेलखंड पर पूरी तरह ट्रेन परिचालन बंद रहेगा. इस दौरान कोई भी ट्रेन इस मार्ग से नहीं गुजर सकेगी.

400 से अधिक ट्रेनें होंगी प्रभावित

मेगा ब्लॉक के कारण राजेंद्र सेतु होकर गुजरने वाली 400 से अधिक ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा. रेलवे कई ट्रेनों को रद्द करेगा, जबकि कई ट्रेनों का रूट बदला जाएगा. इसी अवधि में नए पुल की कमिशनिंग और सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी.

तीन ट्रैक से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

डबल ट्रैक रेल पुल शुरू होने के बाद इस रूट पर कुल तीन रेल ट्रैक उपलब्ध होंगे. इनमें नए पुल के दो ट्रैक और पुराने राजेंद्र सेतु का एक ट्रैक शामिल रहेगा. इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक साथ तीन ट्रेनों का संचालन संभव होगा. साथ ही पूर्वोत्तर भारत से रेल संपर्क भी पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो जाएगा.

यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

वर्तमान में पुराने राजेंद्र सेतु पर केवल एक रेल ट्रैक होने के कारण ट्रेनों को पुल पार करने के लिए दोनों ओर स्थित स्टेशनों या आउटर सिग्नल पर इंतजार करना पड़ता है. नए डबल ट्रैक पुल के चालू होने से ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी, यात्रा का समय घटेगा और भविष्य में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा. रेलवे के साथ-साथ यात्रियों को भी समय और परिचालन दोनों स्तर पर बड़ा लाभ मिलेगा.

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Aman Gautam

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