धर्म की रक्षा के लिए गुरु अर्जन देव ने दी थी शहादत

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मारवाड़ी बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक सिंह सभा में सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जनदेव महाराज का शहीदी गुरुपर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया. आठ जून को गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ का शुभारंभ हुआ.

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समस्तीपुर : मारवाड़ी बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक सिंह सभा में सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जनदेव महाराज का शहीदी गुरुपर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया. आठ जून को गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ का शुभारंभ हुआ. सोमवार की सुबह अखंड पाठ की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार सजाया गया. जिसमें हजूरी रागी जत्था भाई सुरजीत सिंह, हरदमन सिंह, परमजीत सिंह, तरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह रॉकी द्वारा शब्द कीर्तन से संगत को जोड़ा गया. कीर्तन दरबार की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर आयोजित किया गया. इसमें श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया. इसके साथ ही गुरुद्वारे के बाहर रोड पर मीठे जल की छबील लगाई गई. गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य पपिन्दर सिंह, हरजीत सिंह, राजेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि गुरु अर्जुन देव की शहादत अतुलनीय है. वे मानवता के सच्चे सेवक थे. जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया. उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी गयी. मगर, उन्होंने धर्म नहीं छोड़ा. उनकी शहीदी को याद कर उनका शहादत दिवस मनाया जाता है. उन्होंने बताया कि 40 दिन पूर्व 1 मई से लगातार सभी समुदाय की महिलाओं द्वारा गुरुद्वारे में सुखमनी साहिब का पाठ और शब्द कीर्तन होता आ रहा है. जिसका समापन हुआ. जिसमें सभी समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारा आकर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया.

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