केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कृषि रोबोटिक्स की दिशा में बढ़ाया महत्वपूर्ण कदम

समझौता हस्ताक्षर आदान प्रदान करते डीन डॉ आर सुब्बैया
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने डिजिटल कृषि, एआई और रोबोटिक्स को बढ़ावा देने के लिए अनाम एआई और आईआईटी रोपड़ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.
Samastipur News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा ने डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कृषि रोबोटिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. विश्वविद्यालय ने 24 जुलाई 2026 को अनाम एआई के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया. इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि शिक्षा, अनुसंधान और किसानों तक तकनीकी नवाचारों की पहुंच को मजबूत करना है.
Pusa News:डिजिटल कृषि और AI अनुसंधान को मिलेगी गति
विश्वविद्यालय के कुलपति के डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृषि रोबोटिक्स आधारित आधुनिक कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के विजन के तहत यह समझौता किया गया है. इससे कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास और उनके व्यावहारिक उपयोग की दिशा में काम को गति मिलने की उम्मीद है.
अनाम एआई और IIT रोपड़ का किया दौरा
इसी क्रम में कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रंगवझला सुब्बैया और फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय के. पटेल ने अनाम एआई एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ का दौरा किया. इस दौरान कृषि क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास, अनुसंधान सहयोग और किसानों तक नवाचारों के प्रभावी हस्तांतरण पर चर्चा हुई.
स्मार्ट सेंसर और कृषि रोबोटिक्स पर चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी रोपड़ के विभिन्न संकाय सदस्यों के साथ मेकाट्रॉनिक्स, जल संसाधन प्रबंधन, कृषि रोबोटिक्स, स्मार्ट सेंसर, मशीन विजन, स्वचालन और अन्य उभरती तकनीकों पर विचार-विमर्श किया. कृषि के साथ इन तकनीकों के अंतःविषयक उपयोग और अनुसंधान की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.
किसानों तक पहुंचेगी AI आधारित तकनीक
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि पूसा कृषि विश्वविद्यालय, अनाम एआई और आईआईटी रोपड़ के बीच सहयोग से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. साथ ही किसानों तक अत्याधुनिक AI आधारित तकनीकों को पहुंचाने, स्मार्ट कृषि समाधान विकसित करने और कृषि को अधिक तकनीक-संचालित बनाने में मदद मिलेगी.
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सहयोग
इस साझेदारी को बिहार सहित देश के कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विश्वविद्यालय का मानना है कि AI, रोबोटिक्स और स्मार्ट तकनीकों के उपयोग से कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी. यह पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में भी योगदान दे सकती है.
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