आंगनबाड़ी सेविका के बेटे ने किया कमाल, सेल्फ स्टडी के दम पर 1st अटेंप्ट में बने BDO
रिजल्ट के बाद सौरव को सम्मानित करते ग्रामीण | सोर्स- सोशल मीडिया
समस्तीपुर के सौरव कुमार ने 25 की उम्र में BPSC परीक्षा पास कर BDO बने. आंगनबाड़ी सेविका के बेटे की सेल्फ स्टडी से सफलता की कहानी प्रेरणादायक है.
सक्सेस स्टोरी: समस्तीपुर के दलसिंहसराय प्रखंड के नगरगामा पंचायत के वार्ड संख्या-08 निवासी सौरव कुमार ने BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल की है. 25 वर्ष की उम्र में उनका चयन प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी BDO के पद पर हुआ है. साधारण परिवार से आने वाले सौरव ने सेल्फ स्टडी के दम पर पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की. उनकी कामयाबी की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल बन गया.
आंगनबाड़ी सेविका के बेटे ने हासिल की सफलता
सौरव कुमार के पिता दीप नारायण राम हैं, जबकि उनकी मां सुनीता कुमारी आंगनबाड़ी सेविका हैं. सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले सौरव ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की.
BPSC में चयन की जानकारी सामने आने के बाद परिवार के साथ गांव के लोगों में भी खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने सौरव की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया.
सेल्फ स्टडी से शुरू की BPSC की तैयारी
सौरव की प्रारंभिक शिक्षा विद्यापति +2 विद्यालय, मऊ वाजिदपुर उत्तर मिर्जापुर से हुई. उन्होंने वहीं से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने BPSC की तैयारी के लिए सेल्फ स्टडी का रास्ता चुना.
बिना किसी लंबे कोचिंग अनुभव के उन्होंने खुद पढ़ाई करते हुए परीक्षा की तैयारी की. लगातार अध्ययन और लक्ष्य पर फोकस बनाए रखने का नतीजा रहा कि पहले ही प्रयास में उन्हें BDO पद के लिए सफलता मिल गई.
माता-पिता और गुरुजनों को दिया श्रेय
सौरव कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और ग्रामीणों के सहयोग एवं आशीर्वाद को दिया. उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है.
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से निरंतर अध्ययन करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की. सौरव के मुताबिक तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखना भी बेहद जरूरी है.
गांव के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
सौरव की सफलता के बाद नगरगामा पंचायत में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य परिवार से निकलकर 25 वर्ष की उम्र में BDO पद हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है.
ग्रामीणों ने कहा कि सौरव की सफलता से गांव के दूसरे युवा भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे. खास तौर पर सेल्फ स्टडी के जरिए पहले प्रयास में सफलता हासिल करने की उनकी कहानी युवाओं के बीच चर्चा में है.
यह भी पढे़ं:
3 बार प्रीलिम्स में फेल, चौथे बार में बनीं IAS अधिकारी, मुजफ्फरपुर की बिटिया ने रचा इतिहास
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए