3 बार प्रीलिम्स में फेल, चौथे बार में बनीं IAS अधिकारी, मुजफ्फरपुर की बिटिया ने रचा इतिहास

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यूपीएससी टॉपर प्राची हनी अपने माता-पिता के साथ (फाइल फोटो) | सोर्स- सोशल मीडिया

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मुजफ्फरपुर की प्राची हनी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की है. तीन बार प्रीलिम्स में असफल होने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी. जानें कैसे सेल्फ स्टडी और दृढ़ संकल्प से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया.

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सक्सेस स्टोरी: मुजफ्फरपुर की प्राची हनी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है. उनकी कहानी इसलिए खास है क्योंकि तीन बार प्रीलिम्स में असफल होने के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. चौथे प्रयास में उन्होंने न सिर्फ प्रीलिम्स, बल्कि मेन्स और इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया और देशभर में 28वीं रैंक हासिल की.

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घर से मिला IAS बनने का सपना

प्राची हनी मुजफ्फरपुर के पड़ाव पोखर लेन 4B इलाके की रहने वाली हैं. उनके पिता स्कूल में हेडमास्टर और मां शिक्षिका हैं. घर में शुरू से पढ़ाई और अनुशासन का माहौल रहा. प्राची ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता चाहते थे कि बेटी IAS अधिकारी बने. बचपन से सुनते-सुनते यही सपना उनका अपना लक्ष्य बन गया.

दो बहनों में बड़ी प्राची ने माता-पिता के भरोसे को अपनी ताकत बनाया और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं.

मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक पढ़ाई

प्राची की शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरपुर में हुई. उन्होंने 10वीं तक DAV पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की, जबकि 12वीं की शिक्षा होली क्रॉस पब्लिक स्कूल से पूरी की. इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चली गईं.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कालिंदी कॉलेज से उन्होंने जियोग्राफी में ग्रेजुएशन किया. UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने जियोग्राफी को अपना ऑप्शनल विषय भी चुना.

तीन बार प्रीलिम्स में मिली असफलता

UPSC की तैयारी के दौरान प्राची को लगातार तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा. तीनों प्रयासों में वह प्रीलिम्स से आगे नहीं बढ़ सकीं. इसके बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. अपनी गलतियों को समझा, रणनीति में बदलाव किया और लगातार पढ़ाई जारी रखी.

चौथे प्रयास में उन्होंने पहली बार प्रीलिम्स क्लियर किया. इसके बाद मेन्स और इंटरव्यू भी पास किया और आखिरकार ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की.

69वीं BPSC में भी मिली थी सफलता

UPSC की तैयारी के बीच प्राची ने 69वीं BPSC परीक्षा भी दी थी. इसमें उन्होंने 92वीं रैंक हासिल की. हालांकि, उन्होंने इस नौकरी को जॉइन नहीं किया. उनका लक्ष्य UPSC था और उन्होंने इसी पर अपना फोकस बनाए रखा.

इंटरव्यू में आइसलैंड पर पूछा सवाल

प्राची को घूमने-फिरने का शौक है. UPSC इंटरव्यू में भी उनकी इस रुचि से जुड़ा सवाल पूछा गया. बोर्ड ने पूछा कि भारत के बाहर किसी एक देश में जाने का मौका मिले तो वह कहां जाना चाहेंगी. प्राची ने आइसलैंड का नाम लिया.

इसके बाद उनसे पूछा गया कि आइसलैंड की कौन सी तीन चीजें वह मुजफ्फरपुर में लागू करना चाहेंगी. उन्होंने पर्यटन प्रबंधन और टिकाऊ विकास से जुड़े विचार साझा किए.

तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से बनाई दूरी

प्राची ने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी. उन्होंने बताया कि वह WhatsApp तक इस्तेमाल नहीं करती थीं और मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई के लिए करती थीं. उनका मानना था कि सोशल मीडिया तैयारी के दौरान बड़ा डिस्ट्रैक्शन बन सकता है.

सेल्फ स्टडी को बताया सफलता की कुंजी

प्राची ने दिल्ली में कोचिंग और फाउंडेशन कोर्स किए, लेकिन उनके मुताबिक UPSC में सफलता के लिए सेल्फ स्टडी सबसे अहम है. उनका मानना है कि कोचिंग दिशा दिखा सकती है, लेकिन नियमित पढ़ाई और रिवीजन खुद करना पड़ता है.

वह UPSC अभ्यर्थियों को सबसे पहले सिलेबस और परीक्षा पैटर्न समझने की सलाह देती हैं. उनके मुताबिक बिना सिलेबस समझे सिर्फ किताबें और नोट्स जुटाने के बजाय तय रणनीति के साथ तैयारी करना ज्यादा जरूरी है.

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