पत्रकार से मारपीट के विरोध में सड़क पर उतरेंगे सहरसा के पत्रकार, प्रतिरोध मार्च का निर्णय

Updated:
विज्ञापन

फोटो - बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सहरसा में पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की घटना से पत्रकारों में आक्रोश है. इसके विरोध में जिला पत्रकार संघ ने प्रतिरोध मार्च निकालने का फैसला किया है. वे अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे.

विज्ञापन

सहरसा. सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की घटना के विरोध में जिले के पत्रकार अब सड़क पर उतरेंगे. जिला पत्रकार संघ ने घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सोमवार को प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है. सुबह 10 बजे वीर कुंवर सिंह चौक से समाहरणालय तक पत्रकार मार्च निकालेंगे. इसके बाद जिला प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी.

विज्ञापन

बैठक में पत्रकारों ने जताया तीखा आक्रोश

प्रतिरोध मार्च के निर्णय को लेकर रविवार को डीबी रोड स्थित जिला परिषद के पूजा रिसोर्ट में जिला पत्रकार संघ की बैठक हुई. बैठक में पत्रकारों ने सदर अस्पताल की घटना पर तीखा आक्रोश जताया. संघ ने कहा कि पत्रकार के साथ हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए.

संघ ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा.

धरना और प्रशासनिक खबरों के बहिष्कार की चेतावनी

जिला पत्रकार संघ ने कहा कि कार्रवाई में देरी होने पर धरना और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा प्रशासनिक खबरों के बहिष्कार जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गयी है.

संघ का कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े इस मामले में प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.

नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग

प्रस्तावित ज्ञापन में पत्रकार अभिषेक कुमार के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गयी है. साथ ही नामजद आरोपितों के अलावा घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी. संघ ने सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके आजाद, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी, डॉ. रौशन लाल, डॉ. नीरज कुमार नीरव, डॉ. नफीज सोहेल और कर्मी मो. रफीक को तत्काल हटाने की भी मांग रखी है.

पूरी खबर के लिए लिंक पर क्लिक करें

अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग

पत्रकार संघ ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी के कार्यकाल में हुए वित्तीय क्रियाकलापों और उनकी नियुक्ति की भी जांच कराने की मांग की है. संघ के अनुसार 12 सितंबर को खबर संकलन के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की गयी.

संघ की ओर से आरोप लगाया गया कि पत्रकार को ऑपरेशन थियेटर स्थित एक कमरे में बंद कर मारपीट की गयी, जिससे वह घायल हुए और उन्हें उपचार कराना पड़ा. इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

पत्रकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला : संघ

बैठक में पत्रकारों ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार के साथ अस्पताल परिसर में इस तरह की कथित घटना गंभीर मामला है. इससे पत्रकारों की सुरक्षा के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार को लेकर भी सवाल उठता है. संघ ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, घटना में शामिल लोगों की पहचान और शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है. संघ ने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई में टालमटोल हुई तो पत्रकारों का आंदोलन केवल अस्पताल की घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से व्यापक किया जाएगा.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन