‘अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ भंग हो गया’ का प्रचार भ्रामक, डॉ अखिलेश ने बतायी पूरी बात
डॉ अखिलेश कुमार मिश्रा | Prabhat Khabar Network
अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने संघ भंग होने की खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल संघ सक्रिय है और सभी अतिथि शिक्षकों के हितों के लिए काम कर रहा है.
Saharsa News: विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ की आरएम कॉलेज इकाई के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने संघ को भंग किये जाने के प्रचार को भ्रामक बताया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में नियुक्त अतिथि शिक्षकों का मूल संघ पहले से गठित है और वर्तमान में भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ या उसकी किसी शाखा को भंग करने की प्रक्रिया निर्धारित लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही पूरी की जा सकती है. किसी अलग समूह या व्यक्ति द्वारा अपने स्तर से मूल संघ को भंग नहीं किया जा सकता.
डॉ. मिश्रा ने कहा कि संघ की शाखा को अध्यक्ष अन्य पदाधिकारियों की राय से भंग कर सकते हैं. वहीं महाविद्यालयीय संघ को स्थानीय अध्यक्ष की सलाह पर विश्वविद्यालय संघ की प्रतिनिधि सभा की राय से भंग किया जा सकता है. ऐसे में अलग संगठन बनाने वाले किसी समूह या व्यक्ति को मूल संघ को भंग करने का अधिकार नहीं है.
मूल संघ के यथावत रहने का दावा
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मूल अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ मजबूती के साथ यथावत बना हुआ है. संघ में शामिल होने के इच्छुक सभी अतिथि शिक्षकों का स्वागत है. उन्होंने कहा कि संघ अब तक सभी अतिथि शिक्षकों के हित में काम करता आया है. इसमें पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के साथ नवनियुक्त साथियों के हितों को भी शामिल किया गया है.
उन्होंने कहा कि कुछ साथी अलग से नया संघ बनाना चाहते हैं तो यह उनकी इच्छा और स्वतंत्रता है. लेकिन नया संगठन बनाने की प्रक्रिया का यह अर्थ नहीं है कि पहले से गठित मूल संघ को भी समाप्त मान लिया जाए. उन्होंने अतिथि शिक्षकों से संघ से जुड़ी किसी भी जानकारी को लेकर भ्रमित नहीं होने की अपील की.
नये अतिथि शिक्षकों को भ्रमित करने का आरोप
डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ महत्वाकांक्षी लोग मूल संघ को भंग किये जाने का प्रचार कर रहे हैं. उनके अनुसार इस तरह के प्रचार का उद्देश्य नये आये अतिथि शिक्षकों को भ्रमित करना और संगठन के बीच भ्रामक स्थिति पैदा करना है.
उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश अतिथि शिक्षकों की एकता और उनके संघर्ष को कमजोर करने वाली है. ऐसे समय में जब अतिथि शिक्षक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, संगठनात्मक एकता को बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने सभी साथियों से अपने मूल संगठन में बने रहने और एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की अपील की.
Saharsa News: अवसर मिलने पर संघ के विस्तार की बात
डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि संघ लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप चलता आया है और आगे भी इसी व्यवस्था के तहत काम करता रहेगा. उन्होंने कहा कि संघर्ष के अंतिम दौर को देखते हुए अवसर मिलने पर संघ का विस्तार भी किया जाएगा.
उन्होंने अतिथि सहायक प्राध्यापकों से संगठन से संबंधित किसी भी निर्णय या सूचना की पुष्टि अधिकृत स्तर पर करने की अपील की, ताकि किसी तरह के भ्रम की स्थिति न बने और अतिथि शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता कायम रहे.
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