बलवाहाट के बाबा मटेश्वर धाम में प्राचीन शिवलिंग संरक्षण की बड़ी पहल, अष्टधातु कवर की फिटिंग पूरी
प्राचीन शिवलिंग | Prabhat Khabar Network
सहरसा जिले के बलवाहाट स्थित बाबा मटेश्वर धाम में प्राचीन शिवलिंग के संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल हुई है. बनारस से आए कारीगरों की टीम ने अष्टधातु से बने विशेष कवर की फिटिंग का परीक्षण पूरा कर लिया है. सावन मास की समाप्ति के बाद शुभ मुहूर्त में इसे स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा.
Saharsa News: सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड स्थित बलवाहाट के प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम में प्राचीन शिवलिंग के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. मंदिर न्यास समिति के अनुसार प्राचीन शिवलिंग के लिए विशेष अष्टधातु का कवर तैयार कर लिया गया है. रविवार को बनारस से आए कारीगरों की टीम ने शिवलिंग पर कवर लगाकर उसकी फिटिंग और फिनिशिंग का परीक्षण किया. सावन मास की समाप्ति के बाद शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस कवर को स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा.
बनारस से आए कारीगरों ने किया परीक्षण
रविवार को वाराणसी से आए कुशल कारीगरों की टीम ने बाबा मटेश्वर धाम पहुंचकर अष्टधातु के विशेष कवर की फिटिंग और फिनिशिंग की जांच की.
कारीगरों ने शिवलिंग पर कवर लगाकर उसकी संरचना, संतुलन और तकनीकी उपयुक्तता का परीक्षण किया, ताकि स्थायी स्थापना के समय किसी प्रकार की समस्या न हो.
मंदिर न्यास समिति के अनुसार अंतिम स्थापना से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की पुष्टि की जा रही है.
सावन के बाद शुभ मुहूर्त में होगी स्थापना
न्यास समिति ने बताया कि सावन मास समाप्त होने के बाद समिति और संबंधित श्रद्धालुओं की सर्वसम्मति से शुभ मुहूर्त तय किया जाएगा.
इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अष्टधातु के कवर को स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा.
श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन विशेष धार्मिक महत्व का माना जा रहा है.
2007 में पुरातत्व विभाग ने संरक्षण की दी थी सलाह
बाबा मटेश्वर धाम न्यास समिति के उपाध्यक्ष मुन्ना भगत ने बताया कि वर्ष 2007 में पुरातत्व विभाग के निदेशक फणी कांत मिश्र और दरभंगा संग्रहालय के निदेशक डॉ. शिव कुमार झा ने मंदिर का निरीक्षण किया था.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्राचीन शिवलिंग में लगातार हो रहे क्षरण को देखते हुए उसके संरक्षण के लिए विशेष कवर लगाने की आवश्यकता बताई थी.
लंबे समय से लंबित यह पहल अब मूर्त रूप ले रही है.
दानदाता के सहयोग से तैयार हुआ अष्टधातु का कवर
मुन्ना भगत ने बताया कि दानदाता कृष्ण कुमार त्यागी के सहयोग से अष्टधातु का विशेष कवर तैयार कराया गया है.
न्यास समिति का मानना है कि इस कवर से प्राचीन शिवलिंग को प्राकृतिक क्षरण और अन्य बाहरी प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी.
समिति ने इस कार्य को बाबा मटेश्वर नाथ की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग का परिणाम बताते हुए दानदाता के प्रति आभार व्यक्त किया.
Saharsa News: श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह
मंदिर परिसर में अष्टधातु कवर की फिटिंग की खबर फैलने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है.
लोगों का मानना है कि प्राचीन शिवलिंग का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
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