सहरसा: पत्रकार पर हमले के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र और युवा, शहर में निकाला आक्रोशित मशाल जुलूस
सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना के विरोध में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर अपना गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
सहरसा में सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के युवा पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर विरोध तेज हो गया है. बुधवार को छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर घटना के खिलाफ आक्रोश जताया. मशाल जुलूस वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू हुआ और डीबी रोड स्थित जिला परिषद मार्केट तक पहुंचा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. पत्रकार अभिषेक कुमार 12 सितंबर को वासुदेव स्कूल के एमडीएम से जुड़ी खबर के संकलन के दौरान सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे थे. इसी दौरान उनके साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और अन्य दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए. मामले को लेकर पत्रकार की ओर से पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है.
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने का दावा, कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
मशाल जुलूस में शामिल छात्र और युवा नेताओं ने कहा कि घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ है. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घटना के कई दिन बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है. उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ अधिकारियों और कर्मियों की मौजूदगी में पत्रकार के साथ मारपीट की गयी तथा पैरामेडिकल छात्रों को भी इसमें शामिल किया गया. हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों और शिकायत से जुड़े पक्षों की ओर से लगाए गए हैं. मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
नेताओं ने कहा, पत्रकार के साथ हिंसा के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच
युवा कांग्रेस नेता मनीष कुमार ने कहा कि पत्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकार के साथ हिंसा के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने प्राथमिकी और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराने की मांग की.
वामपंथी नेता शंकर कुमार ने कहा कि प्रशासन को किसी भी पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह के बिना पूरे मामले की जांच करनी चाहिए. उनका कहना था कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
युवा नेता सोहन झा ने पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पारदर्शी जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ इस तरह की घटना के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को मामले में तथ्य सामने लाने चाहिए.
छात्र संगठनों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
अभाविप नेता एवं एमएलटी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष सागर कुमार नन्हे ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की. मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेता कौशल क्रांतिकारी ने कहा कि घटना को लेकर आम लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है और जल्द निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज कुमार निराला और मोहम्मद जाबिर ने पत्रकार अभिषेक कुमार की पूर्व की रिपोर्टिंग का उल्लेख करते हुए अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कुछ मामलों को सामने लाने का दावा किया. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े आरोपों और पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की जांच कराने की मांग की.
अस्पताल प्रबंधन से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग
मशाल जुलूस के दौरान कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सदर अस्पताल के अधिकारियों और प्रबंधन से जुड़े कई आरोप भी लगाए. समाजसेवी रौशन झा आजाद ने अस्पताल में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति और अस्पताल प्रबंधन से संबंधित मामलों की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रशासन को शिकायतों और आरोपों की स्वतंत्र जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए.
गौरतलब है कि पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद सहरसा में पत्रकार संगठनों के साथ-साथ छात्र और युवा संगठन भी लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं. इससे पहले छात्र-युवा संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की थी. पत्रकार संगठनों ने भी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी है.
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर
इस पूरे विवाद में पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ अस्पताल प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है. एक रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल प्रशासन ने भी घटना को लेकर पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन देने की बात कही है. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी. मशाल जुलूस में युवा कांग्रेस नेता विक्रम यादव, बिपिन यादव, जदयू नेता प्रवीण कुमार, अभय यादव, कुमोद कुमार, शंकर कुमार, राजन यादव, सुशील यादव, वीरेंद्र कुमार, मुकेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे.
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