प्रभात खबर के पत्रकार से मारपीट मामले में रुका प्रदर्शन, प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लिया संज्ञान

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सहरसा में प्रदर्शन के लिए जुटे लोगों की तस्वीर

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Journalist Assault Case: सहरसा में प्रभात खबर के पत्रकार के साथ मारपीट के मामले में सुबह-सुबह प्रदर्शन की तैयारी थी. लेकिन अब इसे फिलहाल रोक दिया गया है. सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस पूरे मामले में संज्ञान ले लिया है.

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Journalist Assault Case: सहरसा में 12 सितंबर को सदर अस्पताल पहुंचे प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट और हमले के विरोध में रविवार को छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठन के लोग प्रदर्शन के लिए जुटे. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर डॉक्टर के खिलाफ जमकर नारे लगाए.

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प्रभारी मंत्री ने मांगा समय

इस बीच नई जानकारी सामने आई है कि प्रदर्शन को फिलहाल रोक दिया गया है. सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मामले में संज्ञान लिया है. प्रदर्शन से ठीक पहले मिथिलेश तिवारी ने आश्वासन दिया है. प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शाम तक का समय मांगा है. ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि SK आजाद के खिलाफ कुछ बड़ा फैसला हो सकता है.

'तुम बाप नहीं, सहरसा के पाप हो'

सहरसा में आज प्रतिरोध मार्च निकालने की पूरा तैयारी की गई थी. वीर कुंवर सिंह चौक से समाहरणालय तक पत्रकार मार्च निकालने की तैयारी थी. इस दौरान प्रदर्शनकारी ने एक पोस्टर पर लिखा था, तुम बाप नहीं, सहरसा के पाप हो. जिला पत्रकार संघ ने घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताया था. इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई.

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पोस्टर
पोस्टर

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इससे पहले मामले में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं ह्यूमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन के चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर ने भी संज्ञान लिया था. उन्होंने सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली थी और मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा की. विशाल दफ्तुआर ने कहा था प्रथम दृष्टया यह मानवाधिकार हनन की गंभीर घटना प्रतीत होती है. उन्होंने सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ एसके आजाद के व्यवहार को अशोभनीय बताया और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

अस्पताल प्रशासन की गड़बड़ी आई सामने

जानकारी के मुताबिक, इस घटना के सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रशासन के अंदर चल रही गड़बड़ियां भी उजागर होने लगी है. एआईएसएफ (AISF) के पूर्व छात्र नेता शंकर कुमार ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति प्रक्रिया और उनके पद से जुड़े सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

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