दो वर्षों से लंबित परीक्षा पारिश्रमिक भुगतान की मांग, सिंडिकेट सदस्य ने कुलाधिपति से किया हस्तक्षेप का आग्रह

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भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय

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भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के शिक्षकों को दो वर्षों से परीक्षा और मूल्यांकन का पारिश्रमिक नहीं मिला है. सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कुलाधिपति से हस्तक्षेप की मांग की है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक राहत मिल सके.

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BNMU News: सहरसा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ. गौतम कुमार ने विश्वविद्यालय के अधीन अंगीभूत एवं वित्तरहित महाविद्यालयों के शिक्षकों की लंबित परीक्षा एवं मूल्यांकन पारिश्रमिक राशि के भुगतान को लेकर कुलाधिपति से हस्तक्षेप की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने ज्ञापन भेजकर विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है.

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दो वर्षों से लंबित है परीक्षा पारिश्रमिक

ज्ञापन में कहा गया है कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाओं के केंद्र व्यय तथा स्नातक मूल्यांकन का पारिश्रमिक पिछले दो वर्षों से शिक्षकों को नहीं मिल पाया है. इससे बड़ी संख्या में शिक्षक आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं.

सिंडिकेट बैठक में भी उठ चुका है मामला

मेजर डॉ. गौतम कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को सिंडिकेट की कई बैठकों में प्रमुखता से उठाया गया था. उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर लंबित भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया.

प्रशासनिक उदासीनता का लगाया आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ज्ञापन देने और लगातार मामला उठाने के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता एवं अधिकारियों की लापरवाही के कारण भुगतान लंबित है. इसका सबसे अधिक असर वित्तरहित महाविद्यालयों के शिक्षकों पर पड़ा है.

कुलाधिपति से शीघ्र कार्रवाई की मांग

BNMU News: सिंडिकेट सदस्य ने कुलाधिपति से अनुरोध किया है कि शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक निर्देश देकर स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाओं के केंद्र व्यय और मूल्यांकन पारिश्रमिक की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए. उन्होंने कहा कि समय पर पारिश्रमिक का भुगतान शिक्षकों का अधिकार है और इसमें अनावश्यक विलंब उचित नहीं है.

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