सहरसा में बाबा मटेश्वर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की आस्था, सावन में गूंज रहा हर-हर महादेव

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 29 May 2026 7:05 AM

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सहरसा में बाबा मटेश्वर धाम

Aaj Ka Darshan: सहरसा के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. सावन के पावन महीने में यहां हर दिन जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

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विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Aaj Ka Darshan: सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और शिवभक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. सावन महीने में यहां सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रहती है. मान्यता है कि बाबा मटेश्वरनाथ सच्चे मन से मांगी गयी हर मनोकामना पूरी करते हैं. यही वजह है कि आसपास के गांवों के साथ दूसरे जिलों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं.

स्वयंभू शिवलिंग से जुड़ी है गहरी मान्यता

ग्रामीणों के अनुसार बाबा मटेश्वर धाम का शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था. तभी से यहां पूजा-अर्चना का क्रम लगातार जारी है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भक्ति का विशेष अनुभव होता है. सुबह की आरती और शाम की पूजा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है.

सावन में दिखता है आस्था का अद्भुत दृश्य

सावन माह में मंदिर का नजारा बेहद खास हो जाता है. मुंगेर जिले के छर्रापट्टी से शिवभक्त गंगाजल लेकर यहां पहुंचते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं. हर-हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठता है. बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी पूजा-अर्चना में शामिल होकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

महाशिवरात्रि पर सजता है भव्य आयोजन

महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है. श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा और प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

धार्मिक पर्यटन के रूप में बढ़ रही पहचान

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा मटेश्वर धाम अब धार्मिक पर्यटन के रूप में भी पहचान बना रहा है. मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार और बेहतर व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. भक्तों का विश्वास है कि बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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