लगते ही उखड़ने लगे प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर टाइल्स
Author Prabhat khabar digital desk
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सहरसा : एक ओर रेल विभाग सहरसा जंक्शन को करोड़ों रूपये खर्च कर सौंदर्यीकरण के साथ कायाकल्प करने की कोशिशों में जुटा है. वहीं निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. नतीजा यह है कि यात्री सुविधाओं के मद्देनजर जो निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वह मुश्किलें पैदा कर रहा […]
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सहरसा : एक ओर रेल विभाग सहरसा जंक्शन को करोड़ों रूपये खर्च कर सौंदर्यीकरण के साथ कायाकल्प करने की कोशिशों में जुटा है. वहीं निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. नतीजा यह है कि यात्री सुविधाओं के मद्देनजर जो निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वह मुश्किलें पैदा कर रहा है.
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मॉडल श्रेणी का दर्जा प्राप्त सहरसा जंक्शन का हाल यह है कि वर्तमान में जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, संवेदकों द्वारा गुणवता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. यह हकीकत सहरसा जंक्शन पहुंचने के बाद पता चलती है.
कुछ माह पहले ही प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो, तीन, चार व पांच पर प्लेटफॉर्म को खूबसूरत बनाने के लिए टाइल्स बिछाई गयी थी. हाल यह है कि कई जगहों से टाइल्स उखड़ने लगी है. सबसे अधिक प्लेटफॉर्म नंबर तीन की हालत खस्ताहाल है. कई जगहों से टाइल्स उखड़ कर गड्ढे में बड़ा आकार ले रही है. नतीजा यात्री जब ट्रेन पकड़ने आते हैं तो जल्दीबाजी में चढ़ने के चक्कर में कई बार ठोकर खाकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ते हैं.
लेकिन इस मामले में रेल अधिकारी मूकदर्शक बने हैं. पिछली बार समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम जब सहरसा जंक्शन का निरीक्षण कर रहे थे, तब प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर उखड़ते टाइल्स को देखकर संबंधित विभाग के अधिकारी को कड़ी फटकार लगायी थी. बावजूद इसके टाइल्स की ठीक से फिनिशिंग नहीं की गयी. लगता है रेल प्रशासन को कोई बड़े हादसे का इंतजार है.
बता दें कि आगामी 17 जनवरी को रेलवे के जीएम का सहरसा जंक्शन पर आगमन होगा, जो कि यात्री सुविधाओं का मुआयना करेंगे. इसके लिए करीब 13 करोड़ की लागत से नये फूटओवर ब्रिज का निर्माण, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म की फिनिशिंग, यात्री शेड सहित सब कुछ बदला जा रहा है. पूरे सहरसा जंक्शन का कायाकल्प किया जा रहा है. सभी प्लेटफॉर्म पर हाल ही में नयी टाइल्स बिछायी गयी थी. लेकिन हाल यह है कि संवेदकों द्वारा प्लेटफॉर्म के निर्माण कार्य व फिनिशिंग में गुणवत्ता का कहीं ख्याल नहीं रखा गया है.
नतीजा जगह-जगह से टाइल्स उखड़ना शुरू हो गया है. हालांकि विभाग टूटी-फूटी ईंट डालकर इसे ढ़कने का प्रयास कर रही है, लेकिन ठीक तरह से मरम्मत नहीं की जा रही है. यात्री आशीष, मनोज व पंकज ने बताया कि कई बार ट्रेन पकड़ने के चक्कर में ठोकर खाकर गिर पड़ते हैं. जबकि इसकी शिकायत डिवीजन स्तर की जा चुकी है. फिर भी डिवीजन के अधिकारी मामले में बेफिक्र बने हैं.
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