सहरसा में 30 सितंबर तक चलेगा स्पेशल वाहन चेकिंग, हेलमेट नहीं पहना तो होगी कार्रवाई, ऑटो-ई-रिक्शा के लिए भी बनेगा स्टैंड

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सहरसा - बैठक करते डीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

सहरसा में अगले 30 दिनों तक सड़क पर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें. जिला प्रशासन ने हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रिपल लोडिंग की सख्ती से जांच के लिए विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया है. इसके साथ ही शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए व्यवस्थित स्टैंड बनाने की भी योजना है.

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Saharsa News: सहरसा में अगर आप बाइक या स्कूटी चलाते हैं, तो अगले 30 दिनों तक सड़क पर निकलते समय खास सावधानी रखनी होगी. जिला प्रशासन ने शहर और जिले में विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का फैसला लिया है. इस दौरान हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रिपल लोडिंग की खास तौर पर जांच होगी. नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी.

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जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग टास्क फोर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया. डीएम ने परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को लगातार 30 दिनों तक विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है. अभियान 30 सितंबर तक चलेगा.

लेकिन प्रशासन की यह बैठक सिर्फ चालान काटने तक सीमित नहीं रही. शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाने से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने और लंबित सड़क परियोजनाओं को पूरा करने तक कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं.

बाइक सवारों पर रहेगी खास नजर, हेलमेट और लाइसेंस की होगी जांच

विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान दोपहिया वाहनों पर विशेष नजर रखी जाएगी. हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, ड्राइविंग लाइसेंस रखने और ट्रिपल लोडिंग जैसे नियमों की जांच की जाएगी.

प्रशासन का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है. इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

इस अभियान में परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार जांच करेगी. यानी आने वाले दिनों में शहर से लेकर प्रमुख मार्गों तक वाहन चालकों को जांच का सामना करना पड़ सकता है.

ऑटो और ई-रिक्शा के लिए बनेगा अलग स्टैंड

सहरसा शहर की यातायात व्यवस्था में ऑटो और ई-रिक्शा भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. लेकिन इनके लिए निर्धारित और व्यवस्थित स्टैंड नहीं होने से कई जगह सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने की समस्या सामने आती है.

बैठक में डीएम ने नगर आयुक्त को नगर निगम क्षेत्र में ऑटो स्टैंड बनाने का निर्देश दिया. इसके तहत ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन वाले स्थानों को चिह्नित कर अलग-अलग जोन में व्यवस्थित करने की योजना है.

इससे सड़कों पर अनावश्यक जाम कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

एनएच-107 की इन जगहों पर सर्विस रोड का काम जल्द होगा पूरा

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों और सर्विस रोड की स्थिति की भी समीक्षा की गयी.

डीएम ने एनएच-107 के चैनपुर, हनुमान मंदिर के पास, सरबाढ़ा और बैद्यनाथपुर में बन रहे सर्विस रोड के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसी को दिया.

सर्विस रोड का निर्माण पूरा होने से स्थानीय लोगों को मुख्य सड़क पर आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है. साथ ही स्थानीय यातायात को व्यवस्थित करने और दुर्घटनाओं की संभावना कम करने में भी मदद मिल सकती है.

सड़कें भी सुधरेंगी, अधूरे काम पूरे करने का निर्देश

सड़क सुरक्षा सिर्फ वाहन जांच से बेहतर नहीं हो सकती. इसी वजह से बैठक में जिले की सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई.

राष्ट्रीय राजमार्ग, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के तहत आने वाली सड़कों की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने को कहा गया.

प्रशासन ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को सड़क निर्माण और मरम्मत के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है.

एनएच से हटेगा अतिक्रमण, एसडीओ को मिली जिम्मेदारी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण भी यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या बन सकता है. बैठक में डीएम ने एनएच से अतिक्रमण हटाने के लिए सदर और सिमरी बख्तियारपुर के एसडीओ को कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

एनएच अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस के आधार पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

एनएच-107 और 327ई समेत पथ निर्माण विभाग से जुड़े मामलों में एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को भी तेज करने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को नोडल पदाधिकारी नामित करने को कहा गया है.

सिर्फ कार्रवाई नहीं, चालकों को प्रशिक्षण भी मिलेगा

प्रशासन ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया है.

जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार बरनवाल ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. डीएम ने प्रखंड मुख्यालयों में भी ऑटो चालकों और अन्य वाहन चालकों के लिए रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्देश दिया.

इस प्रशिक्षण के जरिए चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन की जानकारी दी जाएगी.

Saharsa News: प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती, आदेश जमीन पर कितना उतरेगा?

सहरसा में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक साथ कई स्तरों पर काम शुरू करने का निर्णय लिया है. एक तरफ 30 सितंबर तक विशेष वाहन जांच अभियान चलेगा, तो दूसरी तरफ ऑटो स्टैंड, सर्विस रोड, सड़क मरम्मत और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि इन निर्देशों को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है. क्योंकि सिर्फ वाहन जांच और जुर्माना लगाने से सड़क दुर्घटनाओं की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी. बेहतर सड़क, व्यवस्थित यातायात, प्रशिक्षित चालक और नियमों का पालन, इन सभी के बीच समन्वय जरूरी होगा.

डीएम ने भी सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

आने वाले दिनों में सहरसा की सड़कों पर वाहन चालकों की जांच बढ़ने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में होने वाले बदलाव भी नजर आ सकते हैं.

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