राजगीर के जंगलों में बसने जा रही नई दुनिया, बिहार का पहला इको रिसॉर्ट देगा अमेजन जैसा अनुभव

सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: राजगीर के घने जंगलों में जल्द ही बिहार का पहला इको रिसॉर्ट बनने जा रहा है. अमेजन के जंगलों की तर्ज पर विकसित होने वाले इस रिसॉर्ट में पर्यटकों को प्रकृति के बीच आधुनिक सुविधाओं के साथ ठहरने का अनोखा अनुभव मिलेगा. इससे राजगीर पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा.
Bihar News: राजगीर के घने जंगलों के बीच जल्द ही पर्यटकों के लिए एक अनोखा इको रिसॉर्ट विकसित किया जाएगा. शहरों की भागदौड़ और कंक्रीट के जंगलों से दूर यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनने वाली है. यहां आने वाले सैलानी आधुनिक सुविधाओं के साथ जंगल के शांत और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे.
वन विभाग ने इसके लिए उपयुक्त स्थान की पहचान कर ली है. अब भवन निर्माण के लिए जल्द टेंडर जारी किए जाने की तैयारी चल रही है.
बिहार का पहला वन विभाग संचालित इको रिसॉर्ट
यह बिहार का पहला ऐसा इको रिसॉर्ट होगा, जिसे वन विभाग अपने क्षेत्र में विकसित करेगा. परियोजना को राजगीर के पर्यटन को नई पहचान देने वाली पहल माना जा रहा है. विभाग की योजना है कि यहां एक साथ 200 पर्यटक ठहर सकेंगे. वहीं रिसॉर्ट के संचालन और रखरखाव के लिए 37 कर्मचारियों के रहने की भी व्यवस्था होगी.
अमेजन के जंगलों जैसी होगी डिजाइन
इस रिसॉर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी डिजाइन होगी. इसे दुनिया के प्रसिद्ध अमेजन वर्षावन में बने इको-कॉटेज की तर्ज पर तैयार किया जाएगा. यहां एक मंजिला कॉटेज बनाए जाएंगे, जो जंगल के बीच प्राकृतिक माहौल का अनुभव देंगे.
सुबह पक्षियों की चहचहाहट, पेड़ों की हरियाली और स्वच्छ हवा पर्यटकों को एक अलग ही एहसास कराएगी. निर्माण के दौरान पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि जंगल और जैव विविधता को नुकसान न पहुंचे.
96 कमरों में मिलेगी हर सुविधा
पर्यटकों की जरूरत और बजट को देखते हुए रिसॉर्ट में कुल 96 कमरे बनाए जाएंगे. इनमें 8 सूट रूम, 8 फर्स्ट क्लास रूम, 40 एक्जीक्यूटिव श्रेणी के कमरे और 40 डबल बेडरूम शामिल होंगे.
कमरों के अंदर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. वहीं बाहर से इन्हें प्राकृतिक और पारंपरिक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि जंगल का अनुभव बरकरार रहे.
पर्यटकों को ठहरने में हो रही थी परेशानी
राजगीर पहले से ही बिहार का प्रमुख पर्यटन केंद्र है. यहां विश्व शांति स्तूप, नेचर सफारी, जू सफारी, गर्म जलकुंड और बौद्ध-जैन धर्म से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं. हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं.
हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण ठहरने की समस्या भी सामने आती रही है. इसी को देखते हुए वन विभाग ने इको रिसॉर्ट बनाने का फैसला लिया है.
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
डीएफओ राजकुमार मनमोहन के अनुसार, नेचर सफारी और जू सफारी देखने आने वाले पर्यटकों को बेहतर ठहराव सुविधा देने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की जा रही है. विभाग का प्रयास है कि इसे जल्द जमीन पर उतारा जाए.
इस इको रिसॉर्ट के शुरू होने से राजगीर में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा. इससे स्थानीय व्यापार को फायदा होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है.
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By अभिनंदन पांडेय
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