आज का दर्शन: असीम आस्था की स्थली है पुलिस ठाकुरबाड़ी हनुमान मंदिर

Updated:
विज्ञापन

राम जानकी पुलिस ठाकुरबाड़ी हनुमान मंदिर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Thakurbari Hanuman Temple: पूर्णिया के भट्ठा बाजार स्थित राम जानकी पुलिस ठाकुरबाड़ी हनुमान मंदिर में मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. 60 वर्ष पुराने इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है.

विज्ञापन

पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:

Thakurbari Hanuman Temple: शहर के भट्ठा बाजार स्थित लखन चौक पर अवस्थित राम जानकी पुलिस ठाकुरबाड़ी परिसर में स्थापित भगवान हनुमान का मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है. मंगलवार और शनिवार को यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना

मंगलवार और शनिवार को मंदिर में विशेष पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है. इस दौरान श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं. मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं. वहीं मां शीतला का भव्य मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है.

विज्ञापन

रामनवमी और हनुमान जयंती पर लगता है श्रद्धालुओं का मेला

विशेष पर्वों पर मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है. रामनवमी के अवसर पर ध्वजारोहण किया जाता है, जबकि हनुमान जयंती पर विशेष पूजन, अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. इन आयोजनों में भट्ठा बाजार सहित पूरे शहर के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं.

60 वर्ष पुराना है मंदिर का इतिहास

करीब 60 वर्ष पुराने इस मंदिर की स्थापना स्थानीय लोगों के सहयोग से हुई थी. बताया जाता है कि उस समय पुलिस विभाग में कार्यरत ‘खाकी बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध एक व्यक्ति ने मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी कारण इस मंदिर का नाम ‘पुलिस ठाकुरबाड़ी’ पड़ा.

पुलिस और आम जनता मिलकर निभाते हैं परंपरा

मंदिर की एक अनूठी परंपरा यह भी है कि यहां दुर्गा पूजा का आयोजन पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त सहयोग से किया जाता है. वर्तमान में भी पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मंदिर समिति के अध्यक्ष होते हैं, जबकि मंदिर के संचालन, पूजा-पाठ और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रहती है.

और पढ़ें: जमीन से निकला था यह शिवलिंग, पूर्णिया के इस शिवाला में मन्नत पूरी होने की है मान्यता

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन