गंगा के उफान से डूबे रुपौली के गांव, प्रभावितों के लिए बनी सामुदायिक रसोई

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गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से रुपौली प्रखंड की कई पंचायतें प्रभावित हुई हैं. जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है, जिसमें सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीमों की तैनाती और नावों का परिचालन शामिल है.

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पूर्णिया, रूपौली. गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कारी कोशी नदी में बैक वाटर से रुपौली प्रखंड की कई पंचायतों के प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है. जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीम, बोट एंबुलेंस और राहत सामग्री की व्यवस्था की गयी है. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन, चिकित्सा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया गया है.

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चार जगहों पर शुरू हुई सामुदायिक रसोई

प्रशासन के अनुसार कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत के मध्य विद्यालय पुरानी नंदगोला, कोयली सिमरा पूरब पंचायत के प्राथमिक विद्यालय कौशिकपुर और उच्च माध्यमिक विद्यालय सिमरा तथा भौवा प्रबल पंचायत के मध्य विद्यालय मझोडीह में सामुदायिक रसोई शुरू की गयी है. इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों को गर्म और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था को आगे भी बढ़ाया जाएगा.

चार मेडिकल टीम लगातार कर रही स्वास्थ्य जांच

स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावित इलाकों में चार विशेष मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है. ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और जरूरतमंद लोगों को दवाएं उपलब्ध करा रही हैं. जलमग्न क्षेत्रों में किसी मरीज की स्थिति गंभीर होने पर उसे सुरक्षित निकालने के लिए एक बोट एंबुलेंस का भी परिचालन किया जा रहा है. इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाए रखने में मदद मिल रही है.

छह स्थानों पर बनाए गए अस्थायी शौचालय

बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए छह स्थानों पर अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं. पशुपालकों के बीच अब तक 118 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है.

वहीं प्रभावित परिवारों को बारिश और बाढ़ से बचाव के लिए 100 प्लास्टिक शीट यानी तिरपाल भी उपलब्ध कराए गए हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुसार अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराने की तैयारी है.

आवागमन के लिए 18 नावों का परिचालन

जलजमाव और बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में आवागमन की समस्या को देखते हुए 18 नावों का परिचालन किया जा रहा है. नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों को आने-जाने में सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में नावों के जरिए जरूरी सेवाओं और राहत सामग्री की पहुंच बनी रहे.

वरीय अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लेने के लिए वरीय अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं. अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन शाखा सुजय कुमार सिंह, धमदाहा एसडीएम अनुपम कुमार, एडीएमओ प्रणव कुमार और रुपौली अंचलाधिकारी ने संयुक्त रूप से बिंदटोली और पुरानी नंदगोला क्षेत्र का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत व्यवस्था की जानकारी ली तथा जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए.

24 घंटे निगरानी, जरूरत पर बढ़ेगा राहत कार्य

जिला प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है. प्रशासन के अनुसार जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों का दायरा और बढ़ाया जाएगा. किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के टॉल फ्री नंबर 06454-242317, 06454-242319 और 06454-242320 पर संपर्क किया जा सकता है.

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