ePaper

समय पर जांच नियमित उपचार से मिल सकती है टीबी से छुटकारा

Updated at : 17 Apr 2025 5:14 PM (IST)
विज्ञापन
समय पर जांच नियमित उपचार से मिल सकती है टीबी से छुटकारा

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया है कैंप

विज्ञापन

पूर्णिया. टीबी का इलाज अब आसान हो गया है. टीबी विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और नियमित उपचार कराने से संबंधित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारियों से सुरक्षित होकर सामान्य जीवनयापन बीता सकते हैं. जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (सीडीओ) डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि संभावित टीबी ग्रसित मरीजों की समय से पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पूर्णिया द्वारा जिला यक्ष्मा केंद्र, जीएमसीएच पूर्णिया में सप्ताह में एक दिन कैम्प आयोजित किया जाता है. कैम्प में जीएमसीएच पूर्णिया के साथ साथ चिन्हित प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा टीबी संभावित मरीजों की विशेष जांच पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा की जाती है. विशेष जांच के लिए जिले के 04 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रू नेट टेस्ट मशीन का उपयोग किया जा रहा है. इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलाबबाग के साथ साथ मधुबनी, माता स्थान और पूर्णिया कोर्ट में ट्रू नेट मशीन कार्यरत है. बहुत जल्द शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया सिटी और माधोपाड़ा में भी ट्रू नेट मशीन की शुरुआत की जाएगी. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया है कैंप वर्ल्ड विजन इंडिया के जिला समन्यवक अभय कुमार ने बताया कि टीबी संभावित मरीजों की पहचान के लिए वर्ल्ड विजन इंडिया द्वारा विभिन्न प्रखंडों के संभावित क्षेत्र के हेल्थ एंड वेलनेस स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किया जाता है. आयोजित कैम्प में स्थानीय आशा कर्मियों के सहयोग से क्षेत्र के टीबी संभावित लोगों की टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाती है. इस दौरान संभावित पाए जाने वाले टीबी ग्रसित मरीजों की विशेष जांच के लिए जिला संचारी नियंत्रण केंद्र जीएमसीएच पूर्णिया भेजा जाता है जहां संबंधित व्यक्ति के बलगम जांच करते हुए विशेष जांच एलपीए के लिए बलगम सैंपल भागलपुर रेफर किया जाता है. विशेष जांच में संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध करायी जाती है. टीबी संक्रमण होने पर लगाया जाता है इंजेक्शन जिला टीबी विशेषज्ञ डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर या टीबी ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की एक्सरे द्वारा टीबी संक्रमित नहीं पाये जाने वाले टीबी संक्रमण के संभावित लोगों की विशेष जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति के सीवाई टीबी टेस्टिंग किया जाता है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी संभावित व्यक्ति के हाथ में इंजेक्शन लगाना सुनिश्चित किया जाता है. इंजेक्शन लगाने पर संभावित व्यक्ति के हाथ के इंजेक्शन लगाने वाले क्षेत्र में 24 घंटे में सूजन होने लगता है जिससे संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने की पहचान हो सकती है. रोग के लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी का होना, बुखार आना, भूख नहीं लगना, वजन घटना, रात में पसीना आना, खांसी के दौरान बलगम के साथ खून का आना संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने के लक्षण हो सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ARUN KUMAR

लेखक के बारे में

By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन