बेंगलुरु में सजा 'एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार' का मंच! CM सम्राट चौधरी और आध्यात्मिक गुरु रविशंकर ने किया 'बिहार महोत्सव 2026' का भव्य उद्घाटन

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फोटो- बिहार के मुख्यमंत्री और आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात करतीं महापौर | Prabhat Khabar Network

बेंगलुरु में 'एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार' थीम पर आयोजित बिहार महोत्सव 2026 का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने भव्य उद्घाटन किया. यह आयोजन बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेगा. महोत्सव में बिहार की सांस्कृतिक विविधता और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है.

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पूर्णिया. बिहार की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा, लोक कला और विकास की विविधताओं को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में बिहार महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है. इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार’ रखी गयी है. बिहार महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया. उद्घाटन समारोह में पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी भी शामिल हुईं.

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से महापौर ने की शिष्टाचार भेंट

उद्घाटन समारोह के दौरान महापौर विभा कुमारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार भेंट की. उन्होंने बिहार महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और बिहार की संस्कृति एवं विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की इस पहल की सराहना की.

श्री श्री रविशंकर से लिया आशीर्वाद

महापौर विभा कुमारी ने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी महाराज से भी शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान उन्होंने उनका सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त किया.

राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी बिहार की पहचान

महापौर विभा कुमारी ने कहा कि बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहर में ‘एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार’ की थीम पर बिहार महोत्सव का आयोजन बिहार की गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने वाला कदम है. बिहार की धरती ज्ञान, संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की भूमि रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बिहार की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी के साथ देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इससे बिहार की सांस्कृतिक पहचान और उपलब्धियों को व्यापक मंच मिलता है.

लोक कला से खान-पान तक दिख रही बिहार की झलक

चार दिवसीय बिहार महोत्सव में बिहार की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, खान-पान, साहित्य और विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है. महोत्सव में बिहार की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत की आकर्षक झलक देखने को मिल रही है.

सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर

महोत्सव के माध्यम से बिहार की पारंपरिक लोक विधाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. विभिन्न प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों के जरिए बिहार की कला, परंपरा और विकास की तस्वीर देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंच रही है.

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