जीएनएम छात्राओं ने लाइव फूड डिस्प्ले और पौष्टिक व्यंजनों से दिया स्वस्थ आहार का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम में शामिल संस्थान की छात्राएं एवं अन्य | Prabhat Khabar Network
कैलाश सुशील नर्सिंग इंस्टीट्यूट में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जीएनएम की छात्राओं ने पौष्टिक व्यंजनों, पोस्टर और भाषणों के माध्यम से संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझाया.
पूर्णिया : परोरा स्थित कैलाश सुशील नर्सिंग इंस्टीट्यूट एवं अजय हॉस्पिटल में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जीएनएम बैच 2025-28 की छात्राओं ने अलग-अलग समूहों में बंटकर पोस्टर, लाइव फूड डिस्प्ले, शॉर्ट स्पीच और स्वनिर्मित पौष्टिक व्यंजनों के माध्यम से संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया.
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कार्यक्रम में छात्राओं ने भोजन में पोषक तत्वों के सही संतुलन से लेकर आयरन युक्त आहार और कम वसा वाले भोजन के फायदे को व्यावहारिक तरीके से समझाया. साथ ही भोजन की स्वच्छता और हाइजीन पर भी जोर दिया गया.
संतुलित आहार में प्रोटीन से पानी तक की भूमिका समझायी
कार्यक्रम के पहले चरण में ग्रुप ए की छात्राओं ने संतुलित आहार के महत्व पर प्रस्तुति दी. लाइव फूड डिस्प्ले के माध्यम से उन्होंने बताया कि दैनिक भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और पर्याप्त पानी का संतुलित मात्रा में शामिल होना क्यों जरूरी है.
छात्राओं ने भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता और हाइजीन का भी विशेष ध्यान रखा. इस गतिविधि के जरिए उन्होंने स्वस्थ भोजन को केवल स्वाद नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों के संतुलन से जोड़कर समझाया.
आयरन रिच डाइट से एनीमिया से बचाव का संदेश
दूसरे दिन ग्रुप बी की छात्राओं ने ‘आयरन रिच डाइट’ विषय पर प्रस्तुति दी. छात्राओं ने आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन करते हुए शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में आयरन युक्त आहार की भूमिका समझायी.
उन्होंने एनीमिया से बचाव के लिए भोजन में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला. छात्राओं ने अपने प्रस्तुतीकरण के जरिए पोषण और स्वास्थ्य के बीच संबंध को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया.
लो-फैट डाइट से वजन और हृदय स्वास्थ्य पर फोकस
तीसरे चरण में ग्रुप सी की छात्राओं ने ‘लो-फैट डाइट’ के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि संतुलित और कम वसा वाला भोजन वजन नियंत्रण, कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है.
छात्राओं ने दैनिक खान-पान में संतुलन बनाए रखने और भोजन के चुनाव को लेकर भी जागरूक किया.
नर्सिंग विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को मिलेगा फायदा
संस्थान के निदेशक रंजीत रामन और अधीक्षक एसके सिन्हा ने छात्राओं के प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से नर्सिंग विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और प्रस्तुति कौशल के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी बढ़ती है.
उन्होंने कहा कि भविष्य में नर्सिंग विद्यार्थी मरीजों को बेहतर न्यूट्रिशन काउंसिलिंग देने में सक्षम होंगे. शिक्षकों ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनकी प्रस्तुति क्षमता, व्यावहारिक समझ और स्वास्थ्य-जागरूकता को भी विकसित करना है.
मौके पर शिक्षक विक्की कुमार, अंकित राज, महिमा भारती, गोल्डी रानी और सपना रमन मौजूद रहे.
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