बैंक हड़ताल से पूर्णिया में 200 से अधिक शाखाओं का काम ठप, 1200 करोड़ का ट्रांजेक्शन प्रभावित
पूर्णिया जिले में बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण 200 से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज ठप हो गया, जिससे करीब 1200 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन प्रभावित हुए. बैंककर्मी 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं.
Purnia bank strike: पूर्णिया. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को पूर्णिया जिले में बैंककर्मी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण जिले की 200 से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा. बैंक यूनियनों के अनुसार, एक दिन की हड़ताल से करीब 1200 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ. बैंक बंद रहने से ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों ने भारतीय स्टेट बैंक के प्रशासनिक भवन के सामने धरना दिया और 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित पीएलआई योजना से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की. कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में लंबित सेवा संबंधी मामलों और पेंशन से जुड़े मुद्दों को भी उठाया.
200 से अधिक शाखाओं में प्रभावित रहा कामकाज
हड़ताल के कारण जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं. चेक क्लीयरेंस और नकद निकासी जैसी सेवाओं पर भी असर पड़ा. बैंक शाखाओं के बंद रहने से सामान्य बैंकिंग कार्य के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी हुई.
यूएफबीयू से जुड़े बैंककर्मियों ने कहा कि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठायी जा रही है. इसके अलावा पीएलआई से संबंधित लंबित मुद्दों का न्यायसंगत समाधान और कर्मचारियों तथा अधिकारियों के सेवा संबंधी मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग भी की जा रही है.
सरकार और बैंक प्रबंधन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना-प्रदर्शन के दौरान बैंक यूनियन के नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की जायज मांगों को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता. वक्ताओं ने सरकार और बैंक प्रबंधन से मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की.
यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनके अनुसार, 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी. इसके बाद 28 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गयी.
5-डे बैंकिंग और पीएलआई प्रमुख मुद्दे
बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को शीघ्र लागू करना, पीएलआई से जुड़े लंबित मामलों का न्यायसंगत समाधान और बैंक अधिकारियों तथा कर्मचारियों के सेवा संबंधी लंबित मुद्दों का निपटारा शामिल है.
इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों तथा अधिकारों की रक्षा और पेंशन अपडेशन की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गयी.
Purnia bank strike: पेंशनर एसोसिएशन ने भी दिया समर्थन
हड़ताल को भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर एसोसिएशन की पूर्णिया जिला इकाई ने भी नैतिक समर्थन दिया. एसोसिएशन से जुड़े पेंशनर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठायी.
पेंशनरों ने पेंशन अपडेशन, सभी के लिए समान महंगाई भत्ता फार्मूला, पुराने लंबित मामलों के समाधान और 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की. एसबीआई पेंशनर एसोसिएशन के अजय कांत झा ने कहा कि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के मामले में समझौता होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है.
हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों और पेंशनरों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता जतायी और कहा कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा.

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