पटना : ट्रेन से गिरा था या साजिश के तहत फेंका गया? युवक की मौत पर एएसपी ने शुरू की जांच, घटनास्थल का लिया जायजा
जांच में जुटी पुलिस
Bihta Youth Murdered in Train : बिहटा के नेऊरा-बिहटा के बीच ट्रेन से गिरकर युवक कैलाश कुमार की मौत के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है. परिजनों ने लूटपाट, मारपीट और जानबूझकर ट्रेन से फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है.
Bihta Youth Murdered in Train : बिहटा के नेऊरा-बिहटा के बीच ट्रेन से गिरकर युवक कैलाश कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. दानापुर जीआरपी के एएसपी भास्कर रंजन ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया. उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने के साथ घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. परिजनों ने कैलाश के साथ लूटपाट, मारपीट और हाथ-पैर बांधकर चलती ट्रेन से फेंके जाने का आरोप लगाया है.
ट्रेन से गिरा या फेंका गया, पुलिस खंगाल रही हर पहलू
पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कैलाश चलती ट्रेन से खुद गिरा था या उसे किसी साजिश के तहत नीचे फेंका गया. एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस पदाधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई और जांच की प्रगति की जानकारी ली. पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
फोन पर परिजनों को बतायी थी मारपीट की बात
परिजनों के अनुसार, कैलाश बक्सर से पटना आ रहा था. यात्रा के दौरान उसने फोन कर बताया था कि कुछ लोग खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं. इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. बाद में कैलाश का शव नेऊरा-बिहटा के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिला.
परिजनों ने लूटपाट और ट्रेन से फेंकने का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि बदमाशों ने कैलाश के साथ लूटपाट और मारपीट की और उसके हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया. कैलाश के साथ यात्रा कर रहा उसका दोस्त रितेश भी जख्मी मिला था. परिजनों के मुताबिक, रितेश ने ही उन्हें लूटपाट और कैलाश को ट्रेन से फेंके जाने की जानकारी दी. इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.
मोबाइल और सहयात्रियों से मिल सकते हैं अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस कैलाश के मोबाइल फोन की गतिविधियों को खंगालेगी. इसके साथ ही उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों और घटना के समय ट्रेन में मौजूद परिस्थितियों की भी जानकारी जुटायी जाएगी. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैलाश ने फोन पर जिन लोगों का जिक्र किया था, वे कौन थे और उनका उससे क्या संबंध था.
अंतिम संस्कार को लेकर भी परिजनों ने उठाये सवाल
परिजनों ने कैलाश के शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है. उनका आरोप है कि पहचान के लिए निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इससे उन्हें अंतिम दर्शन का मौका नहीं मिल सका. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
विशेष टीम करेगी मामले की जांच
दानापुर जीआरपी के एएसपी भास्कर रंजन ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गयी है. मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जा रही है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करेगी. जांच में परिजनों के आरोप सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
पुलिस के सामने ये बड़े सवाल
- कैलाश चलती ट्रेन से गिरा या उसे फेंका गया?
- फोन पर एसटीएफ अधिकारी बताकर मारपीट करने वाले लोग कौन थे?
- कैलाश के साथ यात्रा कर रहे लोगों की भूमिका क्या थी?
- रितेश के पास घटना से जुड़ी क्या जानकारी है?
- मोबाइल फोन की आखिरी गतिविधियों से क्या सुराग मिलता है?
Also Read : पटना में 10,476 आवारा कुत्तों की नसबंदी, 75 वार्डों में रेबीज रोकने की तैयारी, 99 लाख रुपये हुए खर्च
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए