बिहार में बढ़ रहा डिमेंशिया का खतरा, हर भूलना सामान्य बुढ़ापा नहीं, IGIMS की 100 मरीजों की स्टडी में खुलासा

Updated:
विज्ञापन

Ai जेनरेटेड इमेज

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

World Alzheimer Day : पटना में बुजुर्गों में भूलने की समस्या को लेकर विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. घर की चाबी भूलना या किसी परिचित का नाम याद न आना हमेशा सामान्य बुढ़ापे का हिस्सा नहीं होता. जब याददाश्त कमजोर होने के साथ रोजमर्रा के काम, व्यवहार और फैसले लेने की क्षमता प्रभावित होने लगे, तो यह डिमेंशिया का संकेत हो सकता है.

विज्ञापन

World Alzheimer Day : घर में चाबी रखकर भूल जाना, एक ही सवाल बार-बार पूछना, परिचित व्यक्ति का नाम याद न आना या बाजार से घर लौटने का रास्ता भूल जाना जैसी घटनाओं को परिवार अक्सर उम्र बढ़ने का सामान्य असर मान लेता है. लेकिन लगातार बढ़ती भूलने की समस्या को केवल बुढ़ापे से जोड़कर छोड़ देना सही नहीं है. जब इसका असर रोजमर्रा के काम, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ने लगे, तो यह डिमेंशिया का संकेत हो सकता है.

विज्ञापन

अल्जाइमर डिमेंशिया का सबसे आम कारण

डिमेंशिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. अल्जाइमर डिमेंशिया इसका सबसे आम कारण माना जाता है. उपलब्ध राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी में डिमेंशिया की अनुमानित दर 7.4% है. इस आधार पर देश में करीब 88 लाख बुजुर्गों के इसके साथ जीने का अनुमान लगाया गया है.

बिहार में भी बढ़ सकता है बीमारी का बोझ

उपलब्ध अध्ययन में बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी में डिमेंशिया की दर 5.69% आंकी गयी थी. इसी आधार पर पुराने राष्ट्रीय अध्ययन में बिहार में 2016 के दौरान करीब 4.61 लाख और 2036 में करीब 9.22 लाख डिमेंशिया मामलों का अनुमान लगाया गया था. ये आंकड़े अध्ययन आधारित अनुमान हैं, इन्हें राज्य में मौजूदा मरीजों की आधिकारिक संख्या नहीं माना जाना चाहिए.

2026 में बुजुर्ग आबादी 1 करोड़ से अधिक होने का अनुमान

सरकारी जनसंख्या प्रक्षेपण के मुताबिक बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 2021 में 7.7% थी, जो 2026 में करीब 8.5% और 2036 में 10.9% होने का अनुमान है. 2026 की अनुमानित आबादी करीब 13.23 करोड़ मानने पर 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी करीब 1.12 करोड़ बैठती है.

पुराने अध्ययन की दर से निकला है संभावित आंकड़ा

यदि बिहार में सामने आई 5.69% की पुरानी डिमेंशिया दर को केवल गणितीय आधार पर 2026 की अनुमानित 60 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी पर लागू किया जाए, तो संभावित बोझ करीब 6.4 लाख बैठता है. यह गणना उपलब्ध दर और जनसंख्या अनुमान पर आधारित है. इसे बिहार में डिमेंशिया मरीजों का नया सरकारी आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए.

IGIMS के 100 मरीजों की स्टडी में सामने आई तस्वीर

पटना के IGIMS में डिमेंशिया के 100 मरीजों पर किए गए अध्ययन में भी बीमारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए. अध्ययन में 76% मरीज अल्जाइमर डिमेंशिया से पीड़ित पाए गए. मरीजों की औसत उम्र करीब 72 वर्ष थी. इनमें 74% मरीज ग्रामीण पृष्ठभूमि से थे, जबकि 96% संयुक्त परिवारों से जुड़े थे.

बीमारी बढ़ने के साथ परिवार पर भी बढ़ता है दबाव

अध्ययन के मुताबिक 65% मरीजों की मुख्य देखभाल उनके बच्चे या जीवनसाथी कर रहे थे. बीमारी बढ़ने के साथ मरीजों में व्यवहार संबंधी लक्षण भी बढ़े और देखभाल करने वालों का तनाव भी बढ़ता पाया गया. इसका मतलब है कि डिमेंशिया का असर केवल मरीज की याददाश्त तक सीमित नहीं रहता, बल्कि धीरे-धीरे परिवार की दिनचर्या और देखभाल की जिम्मेदारियों को भी प्रभावित कर सकता है.

भूलने की समस्या बढ़े तो डॉक्टर से कराएं जांच

IGIMS न्यूरोमेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि डिमेंशिया को उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया मानकर छोड़ना ठीक नहीं है. अगर किसी बुजुर्ग की भूलने की समस्या लगातार बढ़ रही है और उसका असर रोजमर्रा के काम पर पड़ रहा है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है.

शुरुआती पहचान से आगे की योजना में मिलती है मदद

डिमेंशिया की शुरुआती अवस्था में पहचान होने से मरीज और परिवार को बीमारी की स्थिति समझने, उपलब्ध उपचार और देखभाल के विकल्पों पर डॉक्टर से बात करने तथा भविष्य की देखभाल की योजना बनाने में मदद मिल सकती है. इसलिए याददाश्त में लगातार हो रहे बदलाव को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.

Also Read : PHOTOS : महावीर मंदिर, वन देवी और सीएम से की मुलाकात, पटना पहुंचे ‘द वन’ के स्टारकास्ट एक दिन में कहां-कहां गए

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन