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Tiddi Dal In Bihar : टिड्डियों के आतंक पर बिहार के कृषि मंत्री बोले, फसलों के नुकसान की अभी कोई सूचना नहीं

By Samir Kumar
Updated Date
बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार
बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार
Prabhat Khabar

Tiddi Dal In Bihar पटना : बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को कहा कि कृषि विभाग, जिला प्रशासन तथा अग्निशमन के पदाधिकारी एवं कर्मचारी के सतर्कता एवं छिड़काव कार्य करने के कारण काफी संख्या में टिड्डियों को मार दिया गया. अभी तक किसी भी जिला से फसलों की नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है. कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है.

कृषि मंत्री ने कहा कि आज पूर्वी चंपारण, प. चंपारण, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, पटना, जहानाबाद, नालंदा एवं नवादा जिला को हाई अलर्ट पर रखा गया है. उन्होंने कहा कि आज पश्चिमी चम्पारण जिला के बगहा 2 के वार्ड न. 1 नगर परिषद के समीप टिड्डीयों का एक छोटा समूह देखा गया था, जो उड़ते हुए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के तरफ चला गया. इस जिला के नौतन एवं पिपरासी प्रखंड में लगभग 10-15 हजार की संख्या में टिड्डियों का दल देखा गया, जो छिड़काव के उपरांत पश्चिम दिशा की और चला गया है.

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार में सीमावर्ती जिलों भोजपुर, रोहतास, कैमूर, पश्चिमी चंपारण गोपालगज, जहानाबाद तथा पटना में टिड्डी दल के छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटा समूह को देखा गया है. इस समूह में टिड्डियों की अनुमानित संख्या चार-पांच हजार से लेकर 55-60 हजार तक के बीच है. इस प्रकार, राज्य के जिलों से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार टिड्डियों की कुल संख्या लगभग 2 से 2.50 लाख के बीच है.

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के मार्गदर्शिका के अनुसार बिहार के जिलों में टिड्डियों के प्रकोप का प्रतिदिन सर्वेक्षण एवं अनुश्रवण कर इसके स्तर को विभिन्न रंगों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है. इसके अनुसार अभी तक राज्य के 18 जिलों में टिड्डियों से कोई खतरा नहीं देखा गया है, जिसे हरा रंग से चेतावनी में दिखाया गया है. नालंदा, बक्सर, गया, नवादा, सिवान, गोपालगंज, मुजपफरपुर सीतामढी, शिवहर तथा वैशाली जिला को टिड्डी दल से सावधान रहने तथा सतत निगरानी रखने का निदेश दिया गया है. इसको पीला रंग से इंगित किया गया है.

इसी प्रकार पटना, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, अरवल, औरगाबाद, सारण, पूर्वी चंपारण तथा पश्चिमी चंपारण में टिड्डी के प्रकोप के खतरा होने की आशका जतायी गयी है तथा इससे फसलों का नुकसान हो सकता है. इसलिए इन जिलों में गहन सर्वेक्षण एवं अनुशांसित रसायनों का छिड़काव कर टिड्डी दलों पर नियंत्रण करने हेतु जिला कृषि पदाधिकारियों को अलर्ट किया गया है. पटना जिला में टिड्डियों का झुंड भोजपुर से विक्रम तथा पालीगंज प्रखण्ड होते हुए मसौढी प्रखंड की ओर विचरण कर रहा है तथा हवा की दिशा के अनुसार टिड्डियों का नालंदा एव नवादा जिला की ओर बढ़ने की सम्मावना है.

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा पटना जिला सहित अन्य जिलों के शहरी क्षेत्रों के आस पास टिड्डियों के झुंड को पहुंचने की स्थिति में नगरवासियों को सुझाव दिया गया है कि टिड्डी दल के प्रकोप होने की दशा में एक साथ इकट्ठा होकर ढोल, नगाड़ों, टीन के डिब्बों, थालियों, घंटियां आदि को बजाते हुए शोर मचाये तथा अपने घर के छतों तथा लिंग पर नीम तेल का छिड़काव करें अथवा गुगल का धुंआ या मेंथा तेल का छिड़काव करें. साथ ही, घर के अदर या किचेज गार्डन में पौधे के गमलों को जूट के बोड़ा अथवा पुराने रद्दी अखबार से ढक दें.

कृषि मंत्री ने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में एक साथ इकट्ठा होकर होल, नगाड़ो, टीन के डिब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचायें. शोर से टिड्डी दल आस-पास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पायेंगे. संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लिए कृषि रक्षा रसायनों, स्प्रेयर्स एवं ट्रैक्टर्स आदि की व्यवस्था कर ली जाये. टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना कृषि विभाग के पदाधिकारियों व कर्मचारियों तथा किसानों को दी जाये.

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