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Patna News : अब 200 बेड का होगा पटना एम्स का ट्रॉमा सेंटर, 220 बेड का कैंसर सेंटर भी बनेगा

Updated at : 23 May 2025 1:55 AM (IST)
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Patna News : अब 200 बेड का होगा पटना एम्स का ट्रॉमा सेंटर, 220 बेड का  कैंसर सेंटर भी बनेगा

एम्स पटना में 87 बेड के ट्रॉमा सेंटर को बढ़ा कर 200 बेड का किया जायेगा. ऐसा होने पर वह देश में एम्स का तीसरा बड़ा ट्रॉमा सेंटर हो जायेगा.

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पटना. एम्स पटना में 87 बेड के ट्रॉमा सेंटर को बढ़ा कर अब 200 बेड करने की तैयारी है. यहां लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बनाया जायेगा. यह प्रदेश के बड़े ट्रॉमा सेंटर में शामिल हो जायेगा. इससे बड़ा दिल्ली में 400 बेड और भोपाल एम्स में 300 बेड का ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है.इसी कड़ी में पटना एम्स में भी विस्तार करने के प्रस्ताव पर स्टेंडिंग फाइनांस कमेटी की मुहर लग गयी है. इसके साथ ही कैंसर मरीजों के लिए अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. इसमें निर्माण दो चरणों में किया जायेगा. पहले चरण में करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह प्रस्ताव केंद्रीय वित्त विभाग को भेजा गया है. दूसरे चरण की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी को दी जायेगी. एम्स पटना के ट्रॉमा सेंटर में बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि यहां गंभीर मरीजों की संख्या में आये दिन इजाफा देखने को मिल रहा है. इसके अलावा कैंसर मरीजों के लिए 200 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड और 20 वेंटिलेटर युक्त आइसीयू बेड वाला ऑन्कोलॉजी सेंटर बनाया जायेगा. इसमें डेडिकेटेड ऑन्को-पैथोलॉजी, सायटोलॉजी लैब, एडवांस मशीनरी और आधुनिक जांच की सुविधाएं होंगी.

पीएमसीएच में चार साल बाद कल से इको जांच की सुविधा

पीएमसीएच में मरीजों को शनिवार से तीन नयी सुविधाएं मिलने जा रही हैं. इनमें इको, इसीजी की नयी मशीनों के अलावा दो विभागों के ओपीडी की सुविधा नयी बिल्डिंग में मिलने जा रही है. गुरुवार को बीएमआइसीएल की ओर से संबंधित मशीनों की सप्लाइ पीएमसीएच को कर दी गयी.पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने कहा कि नयी बिल्डिंग के तीसरे तल्ले पर शनिवार से पीएमआर (शारीरिक चिकित्सा व पुनर्वास) और कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग का ओपीडी भी चलेगा. मरीजों का पंजीकरण आरएसबी भवन के पास बने नये काउंटर से किया जायेगा. अब तक छह विभागों का ओपीडी नयी बिल्डिंग में शुरू हो चुका है, जिनमें औषधि, जेराट्रिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु, पीएसएम और दंत रोग विभाग शामिल हैं. इसके साथ ही अब इनकी संख्या आठ हो जायेगी. इसके अलावा इको की एक व तीन इसीजी मशीन इंस्टॉल कर ली गयी हैं. वहीं, सूत्रों की मानें, तो करीब चार साल बाद पीएमसीएच में इको मशीन से जांच की सुविधा मिलने जा रही है, क्योंकि बीते चार वर्ष से इको मशीन खराब पड़ी थी़ ऐसे में हृदय के मरीजों को आइजीआइसी और आइजीआइएमएस में जाकर इको जांच करानी पड़ती थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJAY KUMAR SING

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By SANJAY KUMAR SING

SANJAY KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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