नाटक “दो कलाकार” में दिखायी कलाकारों की पीड़ा

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प्रख्यात नाटककार सफदर हाशमी की स्मृति में मसौढ़ी की नाट्य संस्था कला जागृति के तत्वावधान में स्थानीय प्रवीन रंगभूमि, गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय नाट्य उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को नाटक “दो कलाकार” का प्रभावशाली मंचन किया गया.

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प्रतिनिधि, मसौढ़ी

प्रख्यात नाटककार सफदर हाशमी की स्मृति में मसौढ़ी की नाट्य संस्था कला जागृति के तत्वावधान में स्थानीय प्रवीन रंगभूमि, गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय नाट्य उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को नाटक “दो कलाकार” का प्रभावशाली मंचन किया गया. कला जागरण पटना के रंगकर्मियों ने भगवती चरण वर्मा द्वारा लिखित व प्रिंस राज द्वारा निर्देशित नाटक में दिखाया कि किस तरह कलाकारों को निजी जिंदगी में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. कैसे एक प्रकाशक, कवि (चूड़ामणि) के कविताओं को छापता तो है, लेकिन जब कवि उससे पैसे मांगने जाता है तो वह उसे टाल देता है. वहीं दूसरी ओर चित्रकार (मार्तण्ड) एक रईस के पिता का चित्र बनाता है पर रईस उस पचास रुपये की चित्र को एक कौड़ी भी देने को तैयार नहीं होता. नाटक में प्रिंस राज, अरविन्द कुमार, नवनीत कुमार, राजन मंडल, बृजमोहन कुमार व जाहिद अंसारी ने बेहतरीन अभिनय किया. वहीं मगही कवि रामसेवक प्रसाद, अवधेश कुमार व धर्मेन्द्र कुमार ने कविता पाठ किया. उद्घाटन पीएनबी शाखा दुल्हिन बाजार के प्रबंधक संतोष कुमार ने किया. मौके पर प्रो सीपी मंडल, चन्द्रिका शर्मा, डॉ विश्वजीत राय, पूर्व प्रमुख रमाकांत रंजन किशोर, बबलू मिश्रा, रंजित पटेल, वार्ड पार्षद उज्जवल कुमार, रवि शंकर गोस्वामी रहे.

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