कृष्णा घाट से निकाली जा रही गाद, गंदे पानी से भी छठ व्रतियाें को होगी परेशानी

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Patna News : कृष्णा घाट पर सीढ़ियों का निचला हिस्सा और उससे जुड़े झरोखा का एक हिस्सा अभी भी पानी में डूबा है जहां से शनिवार को मजदूर कुदाली से तगार में भर भर कर गाद निकालते दिखे.

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संवाददाता, पटना.

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कृष्णा घाट पर सीढ़ियों का निचला हिस्सा और उससे जुड़े झरोखा का एक हिस्सा अभी भी पानी में डूबा है जहां से शनिवार को मजदूर कुदाली से तगार में भर भर कर गाद निकालते दिखे. यहां गंदे पानी से भी छठ व्रतियाें को परेशानी होगी क्योंकि बहाव की कमी के कारण घाट के पास के पानी का एक बड़ा हिस्सा सड़ चुका है. ऐसे में बिना इसको साफ किये घाट को स्वच्छ और छठव्रतियों के अनुकूल बनाना संभव नहीं है.

विदित हो कि कृष्णा घाट पूरी तरह पक्का घाट होने और एक बड़े क्षेत्र में फैले होने के कारण छठव्रतियों के लिए सर्वाधिक सुविधायुक्त घाटों में एक गिना जाता है जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में छठव्रति छठ करने आते हैं. छठव्रतियों के खड़े रहने के लिए यहां एक विशाल प्लेटफॉर्मनुमा संरचना बनी हुई है. घाट का रंगरोगण

घाट ठीकेदार ने मजदूर लगा कर बाढ़ का पानी वापस जाने के बाद घाट पर सीढी तक फैल गयी मिट्टी को खुरेच-खुरेच कर साफ करवाया है. फिर इसे पानी से तीन-चार बार धुलवाया है जिससे सीढियां पूरी तरह चकाकच हो गयी हैं. घाट के द्वार को गुलाबी रंग से रंगा भी जा रहा है.

पांच-सात मीटर तक पीछे जा सकती नदी की धारा : कृष्णा घाट पर छठ की तैयारी से जुड़े लोग गंगा के पानी के घटने का भी इंतजार कर रहे हैं क्योंकि पानी के घटने पर नदी की धारा और पीछे हटेगी, इससे यह अपनी गंदगी किनारे पर ही छोड़ जायेगी. आगे का जल नदी की मुख्यधारा से जुड़ी होने के कारण थोड़ा साफ है जहां छठ व्रति नहाय खाय के दिन स्नान भी कर सकते हैं .

एलसीटी घाट सहित छह खतरनाक घाटों को लाल कपड़े से घेरा गया पटना. जिला प्रशासन ने जल स्तर अधिक होने, कटाव तेज होने के साथ स्लोप खड़ा व पानी की गहराई अधिक होने से छह घाटों को खतरनाक घोषित किया है. इसमें एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, बुद्ध घाट व मीनार घाट शामिल हैं. खतरनाक घाटों को फिलहाल लाल रंग के कपड़े से घेर दिया गया है, ताकि इन घाटों पर लोग नहीं जाएं.

हालांकि एक नवंबर को जल स्तर की स्थिति देखने के बाद अंतिम रूप से निर्णय लिया जायेगा. एलसीटी घाट पर 10 फुट की दूरी में नौ फुट छह इंच पानी की गहराई है, जो काफी खतरनाक है. मीनार घाट पर 10 फुट की दूरी में पांच फुट नौ इंच, राजापुर पुल घाट पर छह फुट, पहलवान घाट पर आठ फुट पानी की गहराई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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