कौन हैं रौशन आनंद? अधिकारी नहीं बने तो बच्चों को शुरू किया पढ़ाना, फीस के बदले स्टूडेंट से लेते थे खाना
रौशन आनंद, कोचिंग संचालक
Roshan Anand: पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद इन दिनों चर्चा में हैं. खान सर की कोचिंग सेंटर पर बवाल और हमला मामले में रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
Roshan Anand: पटना में खान सर की कोचिंग के बाहर 2 जून की रात बवाल और हमला मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद पर आरोप लगाया गया है. मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. इसके बाद रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक और गौरव को गिरफ्तार किया गया है. इस तरह से रौशन आनंद चर्चा में आ गए हैं.
रौशन आनंद के बारे में जानिए
ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद सहरसा जिले के एक छोटे से गांव धमसेना के रहने वाले हैं. कहा जाता है कि रौशन आनंद का परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं था. उनके पास शुरू से यानी कि बचपन से कहीं ना कहीं संसाधनों की कमी थी. उन्होंने अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूल में पूरी की. लेकिन उन्होंने 15 साल की उम्र में ही अपना घर छोड़ दिया. इसके बाद वे अपने करियर को सेट करने के लिए सीधे पटना पहुंच गए.
पटना में उन्होंने इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी की. बताया जाता है कि वे कोटा भी गए. वे काफी मेहनती थे, जिसकी वजह से उन्होंने AIEEE परीक्षा में बेहद अच्छा प्रदर्शन किया और BIT मेसरा इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया. लेकिन फाइनेंशियली वीक होने की वजह से वे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी.
बीपीएससी में भी असफलता लगी हाथ
इतना होने के बाद रौशन आनंद ने हार नहीं मानी और सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट गए. लेकिन यहां भी उन्हें असफलता ही हाथ लगी. कभी लिखित परीक्षा में पास हुए लेकिन फिजिकल टेस्ट से बाहर हो गए, जबकि कभी इंटरव्यू तक गए लेकिन सेलेक्शन नहीं हो पाया. जानकारी के मुताबिक, रौशन आनंद ने बीपीएससी की भी तैयारी की थी. लेकिन इंटरव्यू तक जाने के बाद यहां उन्हें असफलता हाथ लगी और वे सेलेक्ट नहीं हो पाए.
बताया जाता है कि सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान ही उन्होंने बच्चों को पढ़ाना भी शुरू कर दिया था. संसाधन कम होने की वजह से रौशन आनंद बच्चों से फीस के बदले उनसे खाना लेते थे. जब सभी कोशिशों के बावजूद नौकरी नहीं मिल पाई तो उन्होंने बच्चों को पढ़ाने में ही आगे बढ़ने में जुट गए और इसी में उन्होंने अपना भविष्य बनाया.
2017 में की कोचिंग की शुरुआत
जानकारी के मुताबिक, साल 2017 में उन्होंने ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी की शुरुआत की. शुरुआती दौर में सिर्फ चार या पांच बच्चे ही उनके पास थे. लेकिन उनके अनुभव और पढ़ाने के तरीके ने बच्चों को आकर्षित किया. आज स्थिति यह है कि रौशन आनंद और उनका ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी पटना के फेमस कोचिंग में से एक की गिनती में आते हैं.
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