पटना हॉस्टल कांड: FSL की टीम तीन दिन में करेगी बड़ा खुलासा, DNA टेस्ट से खुलेगा NEET छात्रा की मौत का राज

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 19 Jan 2026 4:27 PM

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शंभू गर्ल्स हॉस्टल की तस्वीर, गोल घेरे में ADG CID पारसनाथ

Patna NEET Chhatra Case: शंभू हॉस्टल छात्रा मौत मामले में अब जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. SIT के बाद FSL की पूरी टीम ने हॉस्टल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को दिल्ली एम्स जांच के लिए भेजा गया है.

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Patna NEET Student Death Case: पटना हॉस्टल कांड में FSL की टीम भी एक्टिव हो गई है. शंभू हॉस्टल पहुंचकर FSL की टीम कमरे की बारीकी से जांच की. अगले तीन से चार दिन में कुछ बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को दिल्ली एम्स जांच के लिए भेजा गया है. 6 जनवरी को पटना के शंभू हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा अपने कमरे में बेहोश हालत में मिली थी.

हॉस्टल के कर्मचारियों ने छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाने का फैसला किया. पहले एक अस्पताल, फिर दूसरे और अंत में तीसरे अस्पताल में उसका इलाज कराया गया. लेकिन आखिरकार छात्रा की मौत हो गई. यह पूरा घटनाक्रम 6 जनवरी से 9 जनवरी के बीच चलता रहा, लेकिन इस दौरान पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

तीन दिन तक सुस्त नजर आई पुलिस

कानून के जानकारों के अनुसार, किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में शुरुआती 24 से 48 घंटे सबसे अहम होते हैं. इसी दौरान घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए जाते हैं. लेकिन इस मामले में तीन दिन तक न तो हॉस्टल को सील किया गया, न छात्रा के कमरे को सुरक्षित किया गया. न बिस्तर जब्त हुआ, न कपड़े और न ही अन्य जरूरी साक्ष्य इकट्ठे किए गए. पुलिस इस पूरे समय बेहद सुस्त नजर आई.

थाना प्रभारी रौशनी कुमारी पर क्यों उठ रहे सवाल?

थाना प्रभारी रौशनी कुमारी ने शुरुआती जांच में यह कहानी सामने रखी कि छात्रा ने आत्महत्या की है. इसी कथित थ्योरी को एएसपी, एसपी और यहां तक कि एसएसपी स्तर तक दोहराया जाता रहा. छात्रा की मौत के बाद मामला कुछ दिनों तक दबा रहा, लेकिन जब परिजन सामने आए तो मामला तूल पकड़ने लगा.

परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर पटना के कारगिल चौक पर प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में सड़कों पर उतरे. हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज कर दी. इस कदम ने भी पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल और गहरा दिए.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हुआ खुलासा

घटना के चार दिन बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई. रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन शोषण की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस की शुरुआती आत्महत्या वाली थ्योरी कमजोर पड़ गई. पुलिस ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में यह स्वीकार किया कि यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

मामले में बढ़ते दबाव और गंभीर आरोपों के बीच जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया. रविवार को SIT की टीम एक्शन में नजर आई. टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची और वहां से इलाज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए. इसके साथ ही जांच की दिशा और रफ्तार दोनों तेज हुईं.

शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची FSL की टीम

इसके बाद इस केस में फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की भी एंट्री हुई. FSL की पूरी टीम सोमवार को शंभू हॉस्टल पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की. कमरे से जुड़े हर पहलू को खंगाला गया और सभी संभावित साक्ष्यों का संकलन किया गया. अब इन साक्ष्यों की साइंटिफिक जांच की जा रही है.

ADG CID पारसनाथ ने क्या बताया?

ADG CID पारसनाथ ने बताया कि DNA जांच में समय लगता है, इसी वजह से रविवार को भी FSL ऑफिस खुला रखा गया. उन्होंने कहा कि जांच लगातार जारी है और अगले दो से तीन दिनों में जांच पूरी होने की संभावना है. जांच पूरी होते ही रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी जाएगी. अब इस मामले में सभी की निगाहें FSL रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे शंभू हॉस्टल केस की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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