मेडिकल टूरिज्म का हब बनेगा पटना एम्स, वर्ल्ड क्लास हेल्थ सर्विस शुरू करने की योजना

Updated:
विज्ञापन

पटना एम्स

Patna AIIMS: पटना एम्स जल्द ही मेडिकल टूरिज्म का हब बनने वाला है. सार्क से लेकर गल्फ कंट्री के लोगों का यहां इलाज हो सकेगा. इसके लिए एम्स प्रशासन पॉलिसी की तैयारी में जुटा है. पटना एम्स में वर्ल्ड क्लास हेल्थ सर्विस शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है.

विज्ञापन

Patna AIIMS: पटना एम्स अब जल्द ही नए अवतार में दिखने वाला है. यह आने वाले समय में मेडिकल टूरिज्म का हब बनेगा. देश के बड़े-बड़े शहरों के प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में वहां विदेश से आने वाले मरीजों का इलाज सस्ती दर पर होगा. इसके लिए यहां जल्द एक नई पॉलिसी बनाने की तैयारी शुरू होने जा रही है. इसके तहत सार्क से लेकर खाड़ी देशों के लोगों को इलाज में प्रायोरिटी दी जाएगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

विदेशियों का इलाज होगा थोड़ा महंगा

जानकारी के मुताबिक, देश और प्रदेश के लोगों की तुलना में विदेशियों के इलाज को थोड़ा महंगा करने की बात चल रही है. सूत्र की माने तो, हीलिंग इन इंडिया मिशन के तहत वर्ल्ड क्लास और सस्ती हेल्थ सर्विस शुरू करने की योजना के तहत देशभर के एम्स को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बनाने की कवायद की जाएगी. इसमें पटना एम्स को भी शामिल किया गया है.

क्यों विदेश के लोग भारत में करवाते हैं इलाज?

जानकारों की माने तो, बिहार सहित पूरे भारत में अन्य देशों की तुलना में इलाज सस्ता है. विदेश में जांच से लेकर बड़े ऑपरेशन कराने में लोगों को अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ती है. ऐसे में विदेश से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए भारत आते हैं. खासकर पटना में सबसे अधिक नेपाल और बांग्लादेश के मरीज भी इलाज कराने आते हैं. ऐसे में एम्स प्रशासन के अनुसार विश्व पटल पर लाने के लिए मेडिकल टूरिज्म एक बड़ा और बेहतर विकल्प है.

इन शहरों से पटना के लिए सीधी फ्लाइट

पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिलहाल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता से हर रोज फ्लाइटें संचालित होती हैं. ऐसे में विदेश से आने वाले मरीजों को फ्लाइट के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. मौजूदा समय में पटना एम्स में नेपाल सहित पूरे बिहार से हर रोज ओपीडी में करीब 4000 मरीज आते हैं. इसके अलावा 100 से 150 भर्ती मरीजों की संख्या होती है.

इलाज में खर्च का तय किया जाएगा रेट

पटना एम्स के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल ने बताया, एम्स की ओर से जल्द ही सभी विभागों को निर्देश दिया जाएगा. देश भर के बड़े संस्थानों के इलाज पर होने वाले खर्च का स्टडी किया जाएगा. उसी अनुसार इलाज का रेट तय किया जायेगा, जिससे विदेश से मरीज एम्स की तरफ रुख कर सकें. पटना एम्स में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के तहत कई काम किए जा रहे हैं. हीलिंग इन इंडिया मिशन के तहत वर्ल्ड क्लास हेल्थ सर्विस शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है.

Also Read: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री की तारीख बढ़ी, अब 11 फरवरी तक मौका

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन