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नीतीश कुमार ने केन्द्र से की मांग, मनरेगा में 200 दिनों की हो रोजगार गारंटी

Updated at : 18 Jun 2020 5:39 AM (IST)
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नीतीश कुमार ने केन्द्र से की मांग, मनरेगा में 200 दिनों की हो रोजगार गारंटी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि मनरेगा के तहत छह करोड़ अतिरिक्त मानव दिवस सृजन की स्वीकृति दी जाये. साथ ही 100 दिनों की रोजगार गारंटी की सीमा को बढ़ाकर 200 दिन किया जाये.

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि मनरेगा के तहत छह करोड़ अतिरिक्त मानव दिवस सृजन की स्वीकृति दी जाये. साथ ही 100 दिनों की रोजगार गारंटी की सीमा को बढ़ाकर 200 दिन किया जाये. प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री बुधवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना से बचाव पर आयोजित संवाद में शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश एकजुट है. हमारे देश के साथ जो कोई भी समस्या पैदा करने की कोशिश करेगा, तो हम सभी एकजुट होकर उसका मुकाबला करेंगे.

यह छठा मौका था, जब पीएम ने वीसी के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया. वीसी की शुरुआत में गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि भी दी. नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में 32.86 लाख बेघर लोगों का सर्वे कराया गया है. इन लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्राथमिकता के आधार पर आवास की स्वीकृति दी जाये. इसके लिए अतिरिक्त राशि भी आ‌वंटित की जाये.

मेक इन इंडिया के तहत बिहार में भी लगे उद्योग : मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट्स, टेक्सटाइल्स, लेदर, गुड्स, मेडिकल, इलेक्ट्रिकल और अन्य उद्योगों की संभावनाएं हैं. अगर इसमें केंद्र पहल कर उद्योग लगवाने में मदद करे, तो राज्य सरकार एक हजार एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है. उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत बिहार में भी कुछ पहल करने की जरूरत है. इसके लिए जीएसटी, आयकर में छूट देने पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य के बैंकों में यहां के लोगों का अधिक पैसा जमा होता है, जिसे अमीर राज्यों में खर्च किया जाता है. उन्होंने केंद्र सरकार से एमएसएमइ के लिए निर्धारित की गयी राशि को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है. हाल में एसएलबीसी की बैठक में सभी बैंकों को एनुअल क्रेडिट प्लान बढ़ाने को कहा गया है.

20 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर केंद्र की गाइडलाइन का हमलोगों ने पूरी तरह से पालन किया है. राज्य में टेस्टिंग की संख्या बढ़ायी जा रही है. 30 अप्रैल को जहां 1446 टेस्ट हो रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 10 हजार प्रतिदिन हो गयी है और इसे 20 हजार करने का लक्ष्य है. 36 हजार आइसोलेशन बेडों की व्यवस्था की गयी है और इसे 50 हजार करने का लक्ष्य है. जिला और अनुमंडल स्तर पर बनाये गये कोविड हेल्थ सेंटर में 8500 बेड तक बढ़ाने का लक्ष्य है. गंभीर रूप से संक्रमित लोगों के लिए तीन मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में 2344 बेडों की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि चिह्नित क्षेत्रों से आये बिना लक्षण वाले व्यक्तियों की भी योजनाबद्ध तरीके से जांच करायी जा रही है. सीएम ने कहा है कि बिहार में बाहर से आने वाले लोगों के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है. 30 अप्रैल तक राज्य में संक्रमितों की संख्या 409 थी, जो बढ़कर 6940 हो गयी है. इसमें 4609 ऐसे मरीज है, जो तीन मई के बाद दूसरे राज्यों से आये हैं. तीन मई के बाद श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से राज्य में 21 लाख लोग आये हैं. इनके लिए कवारेंटिन सेंटर बनाये गये

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