Hanuman Ansh: चित्रकूट में जब शूटिंग चल रही थी, तब 14 साल बाद आया काला बंदर; मूर्ति से गुफा तक का मुआयना कर हुआ गायब

Updated:
विज्ञापन

Actor Bhagwan Das Patel

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान चित्रकूट में एक अद्भुत घटना घटी, जब शूटिंग स्थल पर एक काला बंदर कई सालों बाद दिखाई दिया. यह बंदर मूर्ति स्थापना से लेकर गुफा तक का मुआयना करता नजर आया. फिल्म की सफलता व इस अलौकिक अनुभव के बारे में जानें.

विज्ञापन

Hanuman Ansh: देशभर के सिनेमाघरों में छाई फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर वापसी का नया इतिहास रच दिया है. फिल्म में बहेलिया का किरदार अभिनेता भगवान दास पटेल बताते हैं कि उनका चयन किसी लंबे-चौड़े प्रोसेस से नहीं, बल्कि सीधे लेखक-निर्देशक डॉ विशाल चतुर्वेदी से मुलाकात के बाद हुआ. इस किरदार के लिए उनका सिर्फ एक सिंगल ऑडिशन हुआ, जो निर्देशक को पहली नजर में ही बेहद पसंद आ गया. वे कहते हैं कि कम बजट और संसाधनों के अभाव में बनी इस फिल्म की शूटिंग के दौरान रोजाना सेट पर गणेश पूजन व हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था.

विज्ञापन

चित्रकूट में फिल्म का 80 से 90 फीसदी हिस्सा शूट करने के दौरान पूरी टीम को कई अलौकिक और अद्भुत अनुभव भी हुए. भगवान दास मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले भगवान दास ने भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) से अभिनय की तालीम ली है और वे साल 2010 से मुंबई में संघर्षरत हैं.

Also Read: मुंबई में न घर था, न पहचान: छह महीने प्राइवेट कंपनी में की नौकरी, अब OTT स्टार बनीं Anjali Krishna ने बताया- किस फिल्म से शुरू किया करियर

बरगद से देखता रहा मूर्ति स्थापना, फिर गुफा में उतरा बंदर

फिल्म की मेकिंग व चित्रकूट में शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए भगवान दास (Bhagwan Das Patel) ने एक हैरान कर देने वाला वाकया बताया. उन्होंने बताया कि जब सेट पर बजरंग बली की मूर्ति स्थापना और झोपड़ी बनाई जा रही थी, तब 14-15 सालों में पहली बार वहां एक काला बंदर आया. वह बंदर बरगद के पेड़ पर बैठकर पूरी मूर्ति स्थापना को किसी सुपरवाइजर की तरह ध्यान से देखता रहा.

उसने झोपड़ी के निर्माण को भी देखा और सबसे पहले नीचे बनी गुफा का मुआयना करने गया. जब उसे लगा कि सब कुछ सटीक व सही तरीके से बना है, तो वह अचानक गायब हो गया.

बड़ी फिल्मों के बीच बुंदेली बोली व भाव ने जीता दिल

अपनी मातृभाषा बुंदेली में संवाद अदायगी पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि उनके लिए यह किरदार निभाना काफी सहज रहा. बड़ी फिल्मों के दौर में भी हनुमान अंश की सफलता यह साबित करती है कि दर्शकों के लिए स्टारडम से ज्यादा भाव और विषय-वस्तु मायने रखती है. भले ही फिल्म अभावों के बीच शूट हुई, लेकिन पूरी यूनिट ने एक परिवार की तरह काम किया. कॉस्ट्यूम, कैमरा, साउंड व डायरेक्शन टीम के आपसी तालमेल की बदौलत ही दर्शक पर्दे पर इस सच्चाई और श्रद्धा को महसूस कर पा रहे हैं.

फिल्म के 100 करोड़ कमाते ही आए रिश्तेदारों के फोन

फिल्म की सफलता के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने चुटकी ली कि 100 करोड़ के आंकड़े को देखकर कई ऐसे रिश्तेदारों के भी फोन आ रहे हैं, उनसे उम्मीद नहीं थी. उन्हें लगता है कि शायद कोई शेयर मिलेगा, जबकि एक्टर की फीस पहले तय होती है और सारा मुनाफा प्रोड्यूसर्स का होता है.

मालूम हो कि भगवान दास इससे पहले थार, कटहल, रंगबाज, प्रेम रतन धन पायो, फोटोग्राफ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं. आने वाले समय में दर्शक उन्हें 45 मिनट की फिल्म ‘रशिया’, डॉक्यू-ड्रामा ‘फंस गई जल मछली’ व फेस्टिवल फिल्म ‘मुहूर्त’ में देखेंगे.

पटना के 20 थिएटर्स में 82 से ज्यादा शो, हाउसफुल चल रही प्री-बुकिंग

वर्तमान में हनुमान अंश पटना के 20 से अधिक सिनेमाघरों में छाई हुई है, जहां रोजाना 82 से ज्यादा शो चल रहे हैं. सुबह 8:55 से रात 11:55 तक के शो में 100 से 510 रुपये तक की टिकटें धड़ाधड़ बिक रही हैं. रिजेंट सिनेमा के मैनेजर संजीत पांडेय ने बताया कि 652 सीटों वाले हॉल में 90 से 95 फीसदी टिकटें बिक रही हैं. वहीं, सिटी सेंटर के मैनेजर अभिषेक ने बताया कि टॉक्सिक के बाद सिर्फ एक शो बचा था, लेकिन अब रोजाना 8 शो हाउसफुल चल रहे हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन