दलित युवक की हत्या में चार दोषियों को उम्रकैद, 45-45 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
कोर्ट
पटना की विशेष अदालत ने दलित युवक की हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद और भारी जुर्माने की सज़ा सुनाई है. यह फैसला पूर्व विवाद के चलते हुई गोलीबारी के बाद आया है.
Patna News : बिहार की राजधानी पटना स्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम की विशेष अदालत ने दलित युवक की हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने सभी दोषियों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
चार युवकों को सुनायी गयी उम्रकैद
अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम के विशेष न्यायाधीश राजीव नयन ने मामले की सुनवाई के बाद बाढ़ थाना क्षेत्र के लंगरपुर गांव निवासी मोनी सिंह उर्फ नीरज सिंह, मोहम्मद राजा, गोलू सिंह उर्फ शुभम सिंह और मुक्का सिंह उर्फ मुकुल कुमार को दोषी करार दिया. अदालत ने भारतीय दंड विधान, शस्त्र अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए यह सजा सुनायी.
जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा
अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी.
पूर्व विवाद में गोली मारकर की थी हत्या
मामले के विशेष लोक अभियोजक श्याम नंदन कुमार सिंह उर्फ संतोष कुमार ने बताया कि 30 मार्च 2021 को दोषियों ने अपने ही गांव के दलित युवक सूरज पासवान उर्फ प्रवीण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी. हत्या का कारण पूर्व विवाद बताया गया था. घटना के बाद बाढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
पांच गवाहों की हुई गवाही
अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए इस मामले में पांच गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद कराया गया. गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी.
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